

बालोद। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के आत्मज्ञान भवन, बालोद में आध्यात्मिक सत्संग का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय माउंट आबू (राजस्थान) से पधारे बी.के. टोमन भाई के सानिध्य में बालोद सेवाकेंद्र सहित आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे अनेक भाई-बहनों ने आध्यात्मिक ज्ञान एवं राजयोग के संदेश का लाभ लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत ब्रह्माकुमारीज बालोद की मुख्य संचालिका बी.के. विजयलक्ष्मी दीदी द्वारा अतिथियों का तिलक एवं पुष्पगुच्छ से स्वागत कर की गई। उन्होंने कहा कि यह हम सभी का सौभाग्य है कि समय-समय पर माउंट आबू से आने वाले वरिष्ठ भाई-बहनों के मार्गदर्शन से साधकों को आध्यात्मिक ऊर्जा और नई प्रेरणा प्राप्त होती है। वर्षा ऋतु का समय आध्यात्मिक साधकों के लिए आंतरिक तपस्या और आत्मिक सशक्तिकरण का विशेष काल माना जाता है तथा इसी उद्देश्य से विभिन्न स्थानों पर ऐसे सत्संग आयोजित किए जाते हैं।
अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में बी.के. टोमन भाई ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने भाव, स्वभाव और आत्मिक संस्कारों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आत्मा का मूल स्वभाव पवित्रता, सुख, शांति, आनंद और प्रेम है तथा इन्हीं दिव्य गुणों को जागृत करना ही सच्चा आध्यात्मिक जीवन है।
उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोक “यान्ति देवव्रता देवान्…” का उल्लेख करते हुए कहा कि इस श्लोक ने ही उनके भीतर परमात्मा की खोज का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने बताया कि ब्रह्माकुमारीज के माध्यम से उन्हें यह अनुभूति हुई कि निराकार परमपिता परमात्मा शिव साधारण मनुष्य तन का आधार लेकर सच्चा गीता ज्ञान प्रदान कर रहे हैं और मानव को श्रेष्ठ जीवन की ओर अग्रसर कर रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान संस्था से जुड़े मेधावी छात्र-छात्राओं को बी.के. टोमन भाई एवं राजू भाई द्वारा स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बोधन भट्ट (ब्यूरो चीफ, स्वदेश 24×7) एवं उत्तम साहू (ब्यूरो चीफ, अमन पथ) भी उपस्थित रहे और सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
आध्यात्मिक वातावरण से परिपूर्ण इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाई-बहनों ने भाग लेकर आत्मिक शांति, सकारात्मक सोच और श्रेष्ठ जीवन मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया।













