बालोद। छत्तीसगढ़ कैडर के 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी किरण गंगाराम चव्हाण अब बालोद जिले के नए पुलिस अधीक्षक (एसपी) के रूप में पदभार संभालेंगे। नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में अपनी प्रभावी कार्यशैली, सफल नक्सल विरोधी अभियानों और जनहित आधारित पुलिसिंग के लिए पहचान बनाने वाले किरण चव्हाण अब बालोद जिले की कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगे।
महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव और बंजारा समुदाय से आने वाले किरण चव्हाण का सफर संघर्ष, मेहनत और दृढ़ संकल्प की प्रेरक कहानी है। किसान परिवार में जन्मे किरण चव्हाण ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद भारतीय पुलिस सेवा में जाने का लक्ष्य बनाया। उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में सफलता पाने के लिए लगातार प्रयास किए। पांच बार परीक्षा दी और तीन बार सफलता हासिल करने के बाद उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा में हुआ।
सुकमा जैसे अतिसंवेदनशील और नक्सल प्रभावित जिले में पुलिस अधीक्षक के रूप में उन्होंने सुरक्षा, विकास और स्थानीय समुदाय के विश्वास पर आधारित रणनीति को प्राथमिकता दी। उनके नेतृत्व में कई इनामी और सक्रिय नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। साथ ही उन्होंने पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास बढ़ाने, सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने तथा आपातकालीन सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए डायल-112 जैसी जनहितकारी पहल को भी बढ़ावा दिया।
किरण चव्हाण को एक अनुशासित, जमीनी और संवेदनशील अधिकारी के रूप में जाना जाता है। कठिन परिस्थितियों में शांत रहकर निर्णय लेना, टीम के साथ समन्वय स्थापित करना और जनता के बीच विश्वास कायम करना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषताएं रही हैं।
अब बालोद जिले के नए पुलिस अधीक्षक के रूप में उनसे अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने, सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने तथा आम नागरिकों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने की अपेक्षा की जा रही है। जिले में उनकी नियुक्ति को पुलिस प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है।
दर्शन बालोद | पत्रकारिता का नया युग प्रारंभ










