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नन्हे हाथों ने उठाया हरियाली का बीड़ा: सीड बॉल बनाकर बच्चों ने शुरू किया पर्यावरण बचाने का अनोखा अभियान

बस्तर। पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में मिशन लाइफ फॉर इको क्लब के तहत संकुल केंद्र लामकेर स्थित माध्यमिक शाला लामकेर के छात्र-छात्राओं ने प्रेरणादायक पहल करते हुए सीड बॉल (बीज गेंद) तैयार करना शुरू किया है। बच्चों का यह अनूठा प्रयास न केवल हरियाली बढ़ाने का संदेश दे रहा है, बल्कि समाज को भी प्रकृति संरक्षण के लिए जागरूक कर रहा है।

विद्यालय खुलने के साथ ही छात्र-छात्राएं शिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतिदिन मिट्टी और गोबर की खाद से सीड बॉल तैयार कर रहे हैं। इन सीड बॉल में स्थानीय प्रजातियों के विभिन्न वृक्षों के बीज सुरक्षित रखे जाते हैं। तैयार बीज गेंदों को सड़क किनारे, खाली भूमि एवं अन्य उपयुक्त स्थानों पर बिखेरा जा रहा है। इसके साथ ही ग्रामीणों और पालकों को भी सीड बॉल वितरित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पर्यावरणीय अभियान से जुड़ सकें।

इस तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि बारिश का पानी मिलने पर सीड बॉल में मौजूद बीज स्वतः अंकुरित होकर पौधे बन जाते हैं। इसमें गड्ढा खोदने, पौधारोपण करने या नियमित सिंचाई की आवश्यकता नहीं पड़ती। कम लागत में अधिक पौधे तैयार करने की यह एक सरल, प्रभावी और पर्यावरण अनुकूल तकनीक मानी जाती है।

विद्यालय के शिक्षक ईश्वर लाल बंजारे, संगीता शोरी, सोनामनी बघेल एवं इंदु कुजूर के मार्गदर्शन में छात्र-छात्राएं पूरे उत्साह और समर्पण के साथ इस अभियान में भाग ले रहे हैं। शिक्षक बच्चों को केवल सीड बॉल बनाना ही नहीं सिखा रहे, बल्कि प्रकृति संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण के महत्व के प्रति भी जागरूक कर रहे हैं।

माध्यमिक शाला लामकेर के विद्यार्थियों की यह पहल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अनुकरणीय उदाहरण बनकर सामने आई है। यदि प्रत्येक विद्यालय इस प्रकार के नवाचारों को अपनाए, तो हरियाली बढ़ाने, जलवायु संतुलन बनाए रखने और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण देने की दिशा में बड़ा योगदान दिया जा सकता है।

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