‘लक्ष्य तय करें, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें, सफलता निश्चित मिलेगी’— वक्ताओं ने विद्यार्थियों को दिया प्रेरक संदेश
बालोद। वनांचल क्षेत्र स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय किल्लेकोडा के सभागार में नवीन शैक्षणिक सत्र के अवसर पर प्रवेश उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का तिलक लगाकर, मुंह मीठा कराकर एवं निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण कर आत्मीय स्वागत किया गया। विद्यालय परिवार एवं जनप्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शिक्षा के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजाराम ताराम (जिला पंचायत सदस्य) थे, जबकि अध्यक्षता श्रीमती हेमलता विश्वकर्मा (सरपंच, किल्लेकोडा) ने की। विशेष अतिथियों में वीरेंद्र कुल्हार्य (सदस्य), निर्भय भंडारी (शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष), अधन सिन्हा, श्रीमती गुलाब बाई शर्मा, श्रीमती ललिता गांवरे (पूर्व सरपंच), श्रीमती उत्तरा बाई, श्रीमती किरण कुल्हार्य, श्रीमती दीपक बाई, श्रीमती माहेश्वरी गांवरे, श्रीमती रुक्मिणी बाई, सुकुल राम भुआर्य, प्राचार्य अजय मुखर्जी, एन.आर. शिवना सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों को अनुशासन और लक्ष्य निर्धारण का संदेश
कार्यक्रम में एन.आर. शिवना ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अनुशासन और कठिन परिश्रम ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों से लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।
विद्यालय के प्राचार्य अजय मुखर्जी ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नियमित अध्ययन, कर्तव्यनिष्ठा और सकारात्मक सोच उन्हें सफलता के शिखर तक पहुंचाएगी।
विशिष्ट अतिथि वीरेंद्र कुल्हार्य ने कहा कि पिछली बार उन्होंने मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों को हवाई यात्रा कराने की घोषणा की थी। इस बार भी उन्हें विद्यार्थियों से बड़ी उम्मीदें हैं और वे चाहते हैं कि विद्यालय के छात्र उत्कृष्ट प्रदर्शन कर नई पहचान बनाएं।
अध्यक्षीय उद्बोधन में श्रीमती हेमलता विश्वकर्मा ने कहा कि विद्यार्थी मेहनत और लगन से पढ़ाई कर अच्छे अंक प्राप्त करें तथा अपने परिवार, विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन करें।
‘आत्मविश्वास ही सफलता का पहला रहस्य’
मुख्य अतिथि राजाराम ताराम ने विद्यार्थियों से कहा कि प्रत्येक छात्र को अपने जीवन का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। लक्ष्य प्राप्ति के लिए कठिन परिश्रम, अनुशासन और समर्पण आवश्यक है।
कार्यक्रम का संचालन एवं संपादन राज्यपाल पुरस्कृत डॉ. बी.एल. साहसी ने किया। उन्होंने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि “सफलता का पहला रहस्य आत्मविश्वास है। आत्मविश्वास के बिना कोई भी व्यक्ति जीवन में आगे नहीं बढ़ सकता।” उन्होंने सभी नवप्रवेशी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
अंत में व्याख्याता घनश्याम पटेल ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में सी.जी. पटेल, जे.पी. बांधव, हेमेंद्र साहू, घनश्याम पटेल, श्रीमती तिजला ठाकुर, श्रीमती मुक्ति मैडम, ललित देवहारी, खिलावन उर्वशा, खगेश ठाकुर, कुशल देवदास सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाओं के साथ हुआ।












