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छत्तीसगढ़िया सर्व समाज महासंघ की बैठक संपन्न, तुयेगोंदी-पाटेश्वर धाम मामले में 40 सदस्यीय समिति गठन का निर्णय

रायपुर। छत्तीसगढ़िया सर्व समाज महासंघ की बैठक रविवार को गुरु घासीदास संस्कृति भवन में आयोजित हुई। बैठक की शुरुआत इष्ट देव की पूजा-अर्चना के साथ हुई। बैठक में बालोद जिले के तुयेगोंदी (जामडीपाठ) क्षेत्र से जुड़े धार्मिक एवं सामाजिक मुद्दों सहित विभिन्न समाजों की मांगों पर चर्चा की गई।

बैठक में तुयेगोंदी-पाटेश्वर धाम प्रकरण को लेकर 40 सदस्यीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही बालोद जिले के जामडीपाठ स्थित आदिवासी समाज के पारंपरिक पूजा स्थल की भूमि पर कथित अवैध कब्जे को लेकर चिंता व्यक्त की गई।

विभिन्न बोर्डों के गठन की मांग

बैठक में छत्तीसगढ़ के बाहर के लोगों को राज्य में भूमि बिक्री पर रोक लगाने की मांग उठाई गई। इसके अलावा गाड़ा समाज के लिए बाजा बोर्ड, अघरिया पाल समाज के लिए भेड़ एवं ऊन संवर्धन बोर्ड, कलार समाज के लिए महुआ बोर्ड तथा शाकंभरी बोर्ड के गठन की मांग पर भी चर्चा हुई। महासंघ ने इन बोर्डों के गठन में देरी को लेकर सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया।

वक्ताओं ने रखे अपने विचार

सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधि विनोद नागवंशी ने जामडीपाठ क्षेत्र में संरक्षित वन भूमि पर कथित अवैध कब्जे, लंबित शासकीय कार्रवाई तथा तुयेगोंदी में आदिवासी समाज के पारंपरिक आस्था स्थल से जुड़े मुद्दों की जानकारी दी।

पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम ने कहा कि सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए सरकार को ठोस पहल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आदिवासी परंपराओं और रीति-रिवाजों को समझते हुए कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

पूर्व सांसद नंदकुमार साय ने सभी समाजों से एकजुट होकर सामाजिक मुद्दों पर आवाज उठाने का आह्वान किया। पूर्व प्रशासनिक अधिकारी अकबर राम कोर्राम ने सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (CFRR) से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई।

कलार समाज के प्रदेश अध्यक्ष युवराज सिन्हा, गोपाल साहू, शिव सारथी, पी.आर. यदु, बोधिराम निषाद, राकेश वैष्णव सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखते हुए विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की।

बड़ी संख्या में समाज प्रतिनिधि रहे उपस्थित

बैठक का संचालन महासंघ के अध्यक्ष रमेश यदु ने किया। कार्यक्रम में पूर्व सांसद नंदकुमार साय, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम, पूर्व आईजी अकबर राम कोर्राम, सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश पदाधिकारी, विभिन्न समाजों के प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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