DAILY BALOD NEWS

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बैंकिंग से आत्मनिर्भरता की ओर कदम: जागरूकता शिविर में ग्रामीणों को मिली योजनाओं और डिजिटल सेवाओं की जानकारी

बालोद। ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं, सरकारी योजनाओं एवं डिजिटल लेनदेन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से ग्राम जगन्नाथपुर में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक द्वारा एक दिवसीय बैंकिंग जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों को आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं की जानकारी देकर आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य ताराचंद साहू रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पटेल अभ्यास साहू ने की। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में कोमिन साहू (ग्रामीण अध्यक्ष) तथा विशेष अतिथि के रूप में खोमन देशमुख (वरिष्ठ कृषक) एवं नरेंद्र साहू (पूर्व सचिव, साहू समाज) उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता कर बैंकिंग संबंधी जानकारी प्राप्त की।

बैंक योजनाओं और डिजिटल सेवाओं की दी गई जानकारी

शिविर के दौरान बैंक की ओर से उपस्थित शाखा प्रबंधक प्रतीक थॉमस ने ग्रामीणों को विभिन्न बैंकिंग योजनाओं एवं सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैंकिंग सेवाओं का सही उपयोग ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

उन्होंने ग्रामीणों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लोन, गोल्ड लोन, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), अटल पेंशन योजना (APY), जनधन खाता, मोबाइल बैंकिंग, एटीएम एवं डिजिटल पेमेंट सेवाओं की जानकारी दी।

डिजिटल लेनदेन अपनाने का किया आह्वान

शाखा प्रबंधक ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि वे अधिक से अधिक बैंकिंग सुविधाओं का लाभ लें तथा सुरक्षित डिजिटल भुगतान प्रणाली को अपनाएं। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर ग्रामीण आर्थिक रूप से मजबूत बन सकते हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

प्रश्नोत्तर के माध्यम से दूर हुई जिज्ञासाएं

कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने बैंक अधिकारियों से विभिन्न योजनाओं, ऋण सुविधाओं एवं डिजिटल बैंकिंग को लेकर प्रश्न पूछे तथा आवश्यक जानकारी प्राप्त की। शिविर के माध्यम से ग्रामीणों में बैंकिंग जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।

ग्रामीणों ने ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के शिविर आयोजित करने की मांग की।

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