बालोद। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत सुरक्षित स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बालोद जिले को बड़ी सौगात मिली है। गुंडरदेही विकासखंड के ग्राम रूदा में 03 केएलडी क्षमता का फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से पूरे विकासखंड की ग्राम पंचायतों में सेप्टिक टैंकों की नियमित डी-स्लजिंग (सफाई) की व्यवस्था शुरू कर दी गई है।
जिला पंचायत की अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि विशेष सक्शन मशीनयुक्त वाहनों के जरिए घरों, संस्थानों और सार्वजनिक परिसरों के सेप्टिक टैंकों से फीकल स्लज का सुरक्षित संग्रहण कर सीधे ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाया जा रहा है। यहां अपशिष्ट का वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल तरीके से उपचार किया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर सेप्टिक टैंकों की सफाई नहीं होने से ओवरफ्लो, दुर्गंध, भूजल प्रदूषण और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। नई डी-स्लजिंग व्यवस्था इन समस्याओं के प्रभावी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संग्रहित अपशिष्ट को किसी भी स्थिति में खुले स्थान, खेत, नालों, तालाबों या नदी-नालों में नहीं डाला जाएगा। निर्धारित पर्यावरणीय मानकों के अनुसार ट्रीटमेंट प्लांट में उसका उपचार कर हानिकारक जीवाणुओं एवं प्रदूषकों को नियंत्रित किया जाएगा।
इस पहल से भूजल स्रोतों, हैंडपंपों, कुओं और अन्य जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने के साथ ग्रामीणों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। जिला प्रशासन ग्राम पंचायतों, स्वच्छता दीदियों, स्वयं सहायता समूहों एवं ग्रामीणों को सुरक्षित स्वच्छता प्रबंधन के प्रति लगातार जागरूक भी कर रहा है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने सेप्टिक टैंकों की नियमित सफाई अधिकृत डी-स्लजिंग सेवा के माध्यम से ही कराएं, ताकि अपशिष्ट का वैज्ञानिक एवं सुरक्षित निपटान सुनिश्चित हो सके। यह पहल स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) तथा सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।










