बालोद। प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 की ऑनलाइन सर्वे सूची को लेकर जिले की कई ग्राम पंचायतों में असंतोष और विवाद की स्थिति सामने आ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि ऑनलाइन सर्वे एवं सेल्फ सर्वे कराने के बावजूद अनेक पात्र हितग्राहियों के नाम सूची में शामिल नहीं हुए हैं, जिससे वे योजना के लाभ से वंचित हो रहे हैं।
ग्रामीणों द्वारा पंचायत प्रतिनिधियों और सरपंचों से जवाब मांगा जा रहा है, जबकि पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि सर्वे प्रक्रिया शासन स्तर से ऑनलाइन माध्यम से कराई गई थी और कई स्थानों पर रेंडम जांच भी की गई थी, जिसकी पूर्व सूचना तक नहीं दी गई।
बताया जा रहा है कि वर्तमान में ग्राम पंचायतों को जो सूची उपलब्ध कराई गई है, उसमें ऐसे कई लोगों के नाम नहीं हैं जिन्होंने समय पर ऑनलाइन सर्वे कराया था। वहीं कुछ पंचायतों में पहले से लाभान्वित हितग्राहियों के नाम दोबारा आने और कुछ नामों के दोहराव की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
इस संबंध में जिला सरपंच संघ अध्यक्ष क्रांति भूषण साहू ने चर्चा के दौरान बताया कि जिला पंचायत में आयोजित सरपंच–सचिव संयुक्त बैठक में सूची को AI जनरेटेड बताया गया। उनका कहना है कि यदि तकनीकी प्रक्रिया के कारण पात्र हितग्राही छूट रहे हैं तो इसकी समीक्षा आवश्यक है।
पुनः सर्वे कराने की मांग
जिला सरपंच संघ ने मांग की है कि जिले में ऐसे पात्र परिवारों की पुनः पहचान कर दोबारा सर्वे कराया जाए और प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 में जोड़ा जाए, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों तक आवास सुविधा पहुंचाना है, इसलिए सूची का पुनरीक्षण और पारदर्शी सत्यापन जरूरी है।













