पालकों की चिंता हुई दूर, शिक्षा व्यवस्था सुचारू करने प्रशासन ने दिखाई तत्परता
दल्ली राजहरा। नया शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही सेज आत्मानंद हायर सेकेंडरी स्कूल कुसुमकसा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और उनके पालकों की चिंता बढ़ गई थी। कारण था कि शासन की ओर से मिलने वाली निःशुल्क पुस्तकें समय पर स्कूल नहीं पहुंच सकी थीं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने लगी थी। स्थिति ऐसी बनी कि कुछ पालकों ने स्कूल में तालाबंदी का आवेदन तक दे दिया था।
इसी बीच जनपद सदस्य मंजू संजय बैस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित पहल की और प्रशासन के समक्ष विषय को उठाया, जिसके बाद विद्यार्थियों को पुस्तकें उपलब्ध कराई गईं।
शिकायत मिलते ही शिक्षा विभाग से की चर्चा
जानकारी के अनुसार पालकों से शिकायत मिलने के बाद जनपद सदस्य मंजू बैस ने तत्काल जिला शिक्षा अधिकारी दीपक दुबे से मुलाकात की और स्कूल में पुस्तक उपलब्ध कराने की मांग रखी। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए जल्द व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
मामले को प्राथमिकता देते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया, जिसके बाद सेज आत्मानंद हायर सेकेंडरी स्कूल कुसुमकसा में विभिन्न कक्षाओं के लिए निःशुल्क पुस्तकें उपलब्ध करा दी गईं।
“बच्चों की शिक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता”
पुस्तकें उपलब्ध होने के बाद जनपद सदस्य मंजू बैस ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनकी शिक्षा में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्कूल खुलने के शुरुआती दिनों में थोड़ी देरी हुई, लेकिन अब व्यवस्था दुरुस्त कर दी गई है और प्रशासन पूरी तैयारी के साथ काम कर रहा है।
उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी दीपक दुबे के प्रति आभार व्यक्त करते हुए पालकों से अपील की कि वे केवल पुस्तकों तक सीमित न रहें बल्कि समय-समय पर स्कूल जाकर बच्चों की पढ़ाई, खेलकूद और अनुशासन पर भी ध्यान दें।
उन्होंने कहा कि पालक, शिक्षक और विद्यार्थियों के बेहतर समन्वय से ही गांव और क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण तैयार किया जा सकता है।
ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने भी दिखाई सहभागिता
इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी से मुलाकात के समय ग्राम पंचायत कुसुमकसा की सरपंच श्रीमती वेद बाई पिस्दा, मंडल अध्यक्ष योगेंद्र सिन्हा तथा पंचायत प्रतिनिधि एवं पंचगण भी उपस्थित रहे।
स्कूल प्रशासन ने भी भरोसा दिलाया है कि अब शैक्षणिक सत्र नियमित रूप से संचालित किया जाएगा और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।










