योगाचार्य शोभना देशमुख ने कहा – योग जीवन को संतुलित, सुरक्षित और सुखी बनाने की कला
डौंडीलोहारा। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ डौंडीलोहारा में हर्षोल्लास एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित परिजनों एवं सहभागियों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में योगाचार्य शोभना देशमुख ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग की शुरुआत भारत की पवित्र भूमि से हुई है। योग किसी धर्म या जाति विशेष से जुड़ा विषय नहीं बल्कि जीवन को व्यवस्थित, सुरक्षित एवं सुखी बनाने की कला है।

उन्होंने कहा कि महर्षि पतंजलि द्वारा प्रतिपादित अष्टांग योग में यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान एवं समाधि जैसे महत्वपूर्ण अंग शामिल हैं। योगाचार्य ने बताया कि यम एवं नियम का पालन करते हुए ही योग के क्षेत्र में आगे बढ़ा जा सकता है तथा स्वस्थ जीवन के लिए आहार, विहार एवं व्यवहार का संतुलन भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी से नियमित योगाभ्यास को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।

कार्यक्रम में निर्धारित योग प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सूक्ष्म व्यायाम कराया गया, जिसमें ग्रीवा चालन, स्कंध चालन, कटि चक्रासन एवं पाद संचालन शामिल रहे।
इसके बाद प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास किया। योग सत्र में वृक्षासन, ताड़ासन, पादहस्तासन सहित पेट के बल किए जाने वाले शलभासन, धनुरासन एवं भुजंगासन तथा पीठ के बल किए जाने वाले पाद उत्तानासन, पद चक्रासन, मर्कटासन, हलासन, अर्ध हलासन एवं शवासन का अभ्यास कराया गया।
प्राणायाम सत्र में भस्त्रिका, कपालभाति, अनुलोम-विलोम एवं भ्रामरी का अभ्यास कराया गया। साथ ही सभी सहभागियों ने सामूहिक रूप से सूर्य नमस्कार का अभ्यास भी किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित परिजनों ने नियमित योगाभ्यास कर स्वस्थ एवं संतुलित जीवन अपनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर नागदंत नेताम, रेखा साहू, कौशल्या बघमरिया, कैलाश मालेकर, विरेंद्र कुमार बघेल, वेदिका दिल्लीवार, प्रखर दिल्लीवार, सावित्री कंवर, तेजेश्वरी कंवर, गजानन, सूर्यांश एवं हेमांश उपस्थित रहे।












