दल्ली चौक से रेलवे फाटक तक निर्माण कार्य पर उठे सवाल, तकनीकी लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का लगाया आरोप
बालोद। जिला मुख्यालय बालोद में दल्ली चौक से रेलवे फाटक तक चल रहे सड़क चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर राजनीतिक और जनस्तर पर सवाल उठने लगे हैं। हमर राज पार्टी के जिलाध्यक्ष देवेंद्र कुमार साहू ने उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव को ज्ञापन भेजकर निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं, तकनीकी खामियों, सुरक्षा मानकों की अनदेखी तथा कार्य में देरी को लेकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया है कि लगभग 740.79 लाख रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना का अनुबंध 592.63 लाख रुपये में किया गया था। कार्यादेश 25 जून 2025 को जारी हुआ था तथा पांच माह में कार्य पूर्ण करने की समय सीमा निर्धारित की गई थी, लेकिन निर्धारित अवधि के भीतर कार्य अपेक्षित गति से पूरा नहीं हो सका और लंबे समय बाद भी निर्माण कार्य अधूरा बताया गया।
DPR और प्रारंभिक सर्वे पर उठाए सवाल
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि परियोजना के प्रारंभिक सर्वेक्षण एवं डीपीआर तैयार करने में गंभीर त्रुटियां रहीं। सड़क सीमा निर्धारण स्पष्ट नहीं होने, निर्माण शुरू होने से पहले अतिक्रमण नहीं हटाने तथा भूमिगत पेयजल पाइपलाइन का उचित आकलन नहीं किए जाने के कारण बाद में अतिरिक्त प्रस्ताव तैयार करना पड़ा और कई स्थानों पर आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
समान कार्रवाई नहीं होने का भी आरोप
ज्ञापन के अनुसार निर्माण के दौरान कुछ स्थानों पर सड़क चौड़ीकरण के लिए कार्रवाई की गई, जबकि कुछ स्थानों पर प्रभावशाली लोगों के सामने समान कार्रवाई नहीं होने की शिकायत सामने आई। इससे जनता के बीच चयनात्मक कार्रवाई की धारणा बनने की बात कही गई है।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर जताई चिंता
हमर राज पार्टी ने ज्ञापन में निर्माण कार्य के दौरान हुई घटनाओं का भी उल्लेख किया है। इसमें जय स्तंभ चौक में विद्युत पोल गिरने से व्यक्ति घायल होने तथा पेड़ कटाई एवं पोल शिफ्टिंग के दौरान बिजली व्यवस्था प्रभावित होने जैसी घटनाओं को सुरक्षा प्रबंधन की कमी से जोड़ते हुए जांच की मांग की गई है।
रोड मार्किंग पर भी उठे तकनीकी सवाल
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि निर्माणाधीन सड़क पर कई स्थानों पर अन्य कार्य शेष रहने के बावजूद स्थायी एज लाइन मार्किंग किए जाने से तकनीकी प्रक्रियाओं एवं मानकों के पालन पर प्रश्न खड़े हुए हैं।
इन बिंदुओं पर की कार्रवाई की मांग
हमर राज पार्टी ने उप मुख्यमंत्री से मांग की है कि सड़क चौड़ीकरण कार्य की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए, मूल डीपीआर एवं डिज़ाइन की समीक्षा हो, कार्य में देरी और लागत वृद्धि के लिए जिम्मेदारी तय की जाए, सुरक्षा संबंधी घटनाओं की जांच हो तथा गुणवत्ता परीक्षण किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराया जाए।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि जांच प्रतिवेदन सार्वजनिक किया जाए और परियोजना को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराया जाए।
ज्ञापन के अंत में जिलाध्यक्ष देवेंद्र कुमार साहू ने कहा कि यह विषय बालोद शहर की जनता से जुड़ा है और जनहित को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की अपेक्षा की जाती है।











