किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित करने हुआ मंथन, जैविक प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
बालोद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा बालोद द्वारा चलाए जा रहे अभियान “12 साल विकास के, विश्वास के, जनकल्याण के” के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र अरौद में प्राकृतिक एवं जैविक खेती कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को कम लागत, बेहतर उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण आधारित कृषि मॉडल से जोड़ना था।
कार्यशाला में जिलेभर से लगभग 1250 किसानों, कृषि विशेषज्ञों एवं जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। आयोजन स्थल पर प्राकृतिक एवं जैविक कृषि से संबंधित विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई, जहां किसानों को जैविक उत्पाद, जैव उर्वरक, उन्नत तकनीक एवं प्राकृतिक खेती के व्यवहारिक मॉडल की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग के अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिला अध्यक्ष चेमन देशमुख ने की।
विशेष अतिथि के रूप में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के उपाध्यक्ष नरेश यादव, जिला पंचायत बालोद उपाध्यक्ष तोमन साहू, पूर्व विधायक वीरेंद्र साहू, किशोरी साहू, भाजपा किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष सुरेंद्र देशमुख, जिला महामंत्री पुष्पेंद्र तिवारी, केसी पवार, पवन साहू, प्रेम साहू एवं अरुण साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पवन साहू, किसान मोर्चा प्रकोष्ठ संयोजक कमलेश राजपूत, किसान मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष चुलेश्वर चंद्राकर, किसान मोर्चा प्रदेश प्रवक्ता रविंद्र ठाकुर एवं प्रदेश पदाधिकारी आनंद प्रकाश मीरी की भी सहभागिता रही।
प्राकृतिक खेती से लागत घटेगी, मिट्टी और किसान दोनों होंगे मजबूत

कार्यशाला में कृषि विज्ञान केंद्र प्रमुख डॉ. के.आर. साहू ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती के विभिन्न आयामों पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यह खेती केवल उत्पादन का माध्यम नहीं बल्कि मिट्टी, जल, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा का स्थायी मॉडल है।
उन्होंने किसानों को बताया कि प्राकृतिक खेती अपनाने से—
- खेती की लागत कम होती है
- रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों पर खर्च घटता है
- गोबर, गौमूत्र एवं जीवामृत जैसे स्थानीय संसाधनों का उपयोग बढ़ता है
- मिट्टी की उर्वरता एवं जैविक गुणवत्ता में सुधार होता है
- विषमुक्त एवं स्वास्थ्यवर्धक उत्पादन प्राप्त होता है
- जल संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा मिलता है
- किसानों की आय बढ़ने की संभावना मजबूत होती है
कम लागत, अधिक लाभ और स्वस्थ भविष्य का आधार है प्राकृतिक खेती – प्रीतपाल बेलचंदन

मुख्य अतिथि प्रीतपाल बेलचंदन ने कहा कि प्राकृतिक खेती केवल खेती की तकनीक नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ समाज और सुरक्षित पर्यावरण का मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है।
उन्होंने कहा कि “जिस देश का किसान समृद्ध और खुशहाल होता है, उस देश की प्रगति को कोई नहीं रोक सकता।”
किसान का बेटा भी खेती को सम्मानजनक व्यवसाय माने – चेमन देशमुख
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए चेमन देशमुख ने कहा कि ऐसी कृषि व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता है, जिससे किसान परिवार की नई पीढ़ी खेती को गर्व और सम्मान के साथ अपनाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय किसानों को हर स्तर पर मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
कार्यक्रम के अंत में किसानों ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती के मॉडल को समझते हुए इसे अपनाने की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लिया।












