DAILY BALOD NEWS

EDITOR IN CHIEF – DEEPAK YADAV.9755235270

Advertisement

नशे में ट्रक रिवर्स करना पड़ा भारी: महिला की मौत मामले में चालक को 2 साल का कारावास

तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने पर कोर्ट का फैसला, मृतिका के परिजनों को प्रतिकर देने के निर्देश

बालोद, 16 जून 2026। शराब के नशे में ट्रक चलाते हुए लापरवाहीपूर्वक वाहन रिवर्स करने से महिला की मौत के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) बालोद ने आरोपी चालक को दोषी करार देते हुए कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार श्रीमान ताजुद्दीन आसिफ, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) बालोद ने आरोपी लेखराम ठाकुर (45 वर्ष), निवासी ग्राम मेंढ़की, थाना बालोद को मोटरयान अधिनियम की धारा 185 के तहत 10 हजार रुपये अर्थदंड तथा भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 106(1) के तहत 2 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।

ग्राम सभा जाने निकली महिला ट्रक की चपेट में आई

अभियोजन के अनुसार प्रार्थी हिमांशु साहू ने थाना बालोद में शिकायत दर्ज कराई थी कि 29 नवंबर 2025 को उनकी दादी ग्राम मेंढ़की में आयोजित ग्राम सभा में शामिल होने घर से निकली थीं। दोपहर लगभग 1 बजे जब वे ग्राम चौक के पास पहुंचीं, तभी ट्रक क्रमांक CG 08 AF 8199 के चालक ने भीड़भाड़ और आवासीय क्षेत्र में तेज व लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए उन्हें टक्कर मार दी।

शिकायत के अनुसार महिला ट्रक के नीचे आ गई। आसपास मौजूद लोगों ने वाहन रोकने के लिए आवाज लगाई, लेकिन चालक ने वाहन रोकने के बाद उसे रिवर्स कर दिया, जिससे महिला ट्रक के नीचे दब गई। इसके बाद महिला को कुछ दूरी तक घसीटे जाने से उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी मृत्यु हो गई।

जांच के बाद अदालत ने सुनाया फैसला

घटना के बाद थाना बालोद में अपराध क्रमांक 523/2025 दर्ज कर मामले की जांच की गई। विवेचना के दौरान एकत्र साक्ष्यों और प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।

मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक सनद कुमार श्रीवास्तव ने की।

मृतिका के परिजनों को प्रतिकर देने के निर्देश

न्यायालय ने आदेश दिया है कि निर्णय की तिथि से दो माह के भीतर पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना 2018 के अंतर्गत मृतिका के विधिक वारिसों को पीड़ित क्षतिपूर्ति निधि से पर्याप्त प्रतिकर उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

प्रकरण की संपूर्ण विवेचना प्रधान आरक्षक 1732 योगेश सिन्हा द्वारा की गई।

You cannot copy content of this page