फेसबुक रील देखकर शुरू किया खेल, लोगों के खाते खुलवाकर एटीएम-सिम अपने पास रखता था आरोपी
बालोद, 17 जून 2026। बैंक खाता खुलवाने पर हर महीने 5 हजार रुपये मिलने का झांसा देकर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को बालोद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लोगों के नाम से बैंक खाते खुलवाकर उनके एटीएम कार्ड, पिन और मोबाइल सिम अपने पास रख लेता था, जिसके बाद खातों में संदिग्ध लेनदेन होने लगे और खाते सीज हो गए।
पुलिस के अनुसार प्रार्थी प्रेम सिंह देवांगन एवं अन्य पीड़ितों ने संयुक्त शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी पुरानिक देवांगन (34 वर्ष), निवासी ग्राम कोरगुड़ा, थाना व जिला बालोद ने बैंक खाता खुलवाने पर प्रति माह 5 हजार रुपये मिलने का लालच दिया।
800 रुपये जमा कर खुलवाए खाते, खुद रख लिए एटीएम और सिम
आरोपी लोगों को इंडियन ओवरसीज बैंक शाखा बालोद ले जाकर बचत खाते खुलवाता था। प्रत्येक व्यक्ति से 800-800 रुपये जमा कराए गए तथा नया मोबाइल सिम लेकर बैंक खाते से लिंक कराया गया। खाता खुलने के बाद मिले एटीएम कार्ड, एटीएम पिन और सिम आरोपी अपने पास रख लेता था।
जांच में सामने आया कि पीड़ितों के खातों में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा बड़ी राशि जमा और निकासी की गई—
- प्रेम सिंह देवांगन – ₹1,55,906
- सोहन लाल तारम – ₹2,50,007
- डोमन देवांगन – ₹36,527
- किसुन देवांगन – ₹1,88,816
इन लेनदेन के बाद सभी बैंक खाते सीज हो गए।
फेसबुक रील से मिला आइडिया, हरियाणा भेजे एटीएम कार्ड
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह फेसबुक पर रील देख रहा था, जहां एक नंबर के माध्यम से कैसिनो गेम के लिए बैंक खाता उपलब्ध कराने पर प्रति माह 5 हजार रुपये मिलने का दावा किया गया था। इसके बाद आरोपी ने लोगों के खाते खुलवाकर उनके एटीएम कार्ड और पिन अपने कब्जे में लेकर कोरियर के माध्यम से विकास नामक व्यक्ति, ग्राम बम्हनी खेड़ा, जिला पलवल (हरियाणा) के पते पर भेज दिए।
खाता खुलवाने के नाम पर आरोपी ने अपने छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक शाखा दुधली के खाते में भी कुल 5 हजार रुपये प्राप्त किए।
मोबाइल और पासबुक जब्त, आरोपी न्यायिक रिमांड पर
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बैंक पासबुक और वीवो कंपनी का मोबाइल फोन जब्त किया है। मामले में थाना बालोद में अपराध क्रमांक 285/2026, धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
कार्रवाई में निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा, प्रधान आरक्षक योगेश सिन्हा, आरक्षक लक्ष्मण साहू एवं आरक्षक बनवाली साहू का विशेष योगदान रहा।












