“ट्रिपल इंजन की सरकार गैर जिम्मेदार” — शिवसेना नेता विजय पारख का हमला, बालोद में बुनियादी सुविधाओं पर उठाए सवाल



बालोद। शिवसेना नेता विजय पारख ने प्रदेश सरकार और स्थानीय निकायों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि “ट्रिपल इंजन की सरकार होने के बावजूद जिले में सड़क, शिक्षा, चिकित्सा और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं बदहाल हैं।” उन्होंने इसे सीधे तौर पर सरकार के कुप्रबंधन का परिणाम बताया।

सड़कें बदहाल, दुर्घटनाओं का खतरा

विजय पारख ने आरोप लगाया कि जिले में बनी नेशनल हाईवे, पीडब्ल्यूडी सड़कें और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कें गुणवत्ता हीन हैं।
उन्होंने कहा कि सड़कें टूटी-फूटी, गड्ढों से भरी और अमानक स्तर की हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।

शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल

उन्होंने कहा कि 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा में बालोद जिले का टॉप टेन सूची से बाहर होना शिक्षा के गिरते स्तर को दर्शाता है।
पारख के अनुसार, शिक्षकों और विभागीय अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी तथा आधुनिक शिक्षा पद्धति की अनदेखी इसका प्रमुख कारण है।

पेयजल योजना फेल, जनता परेशान

शिवसेना नेता ने कहा कि जिले में जलाशयों में पर्याप्त पानी होने के बावजूद हर घर नल जल योजना प्रभावी नहीं है
उन्होंने आरोप लगाया कि शहरों में भी शुद्ध पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही, जिससे आम जनता परेशान है।

प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर आरोप

विजय पारख ने कहा कि जिले में प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच “बंदरबांट जैसी स्थिति” है, जिसके कारण जनता और संसाधनों का शोषण हो रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि डीएमएफ (जिला खनिज न्यास) फंड का दुरुपयोग, नशाखोरी और कमीशनखोरी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।

जिले की छवि पर भी असर

उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्काउट-गाइड जंबूरी आयोजन से जुड़े विवाद ने जिले की छवि को धूमिल किया है।

तीसरी शक्ति के रूप में उभरने का दावा

विजय पारख ने कहा कि शिवसेना लगातार इन मुद्दों को उठा रही है और जनता अब विकल्प के रूप में तीसरी शक्ति चाहती है
उन्होंने दावा किया कि जिले में लोग तेजी से शिवसेना से जुड़ रहे हैं।

इस दौरान जयप्रकाश चंद्राकर, बलराम साहू, हेमंत शर्मा, हितेश पटेल, ललित रावत, ललिता देवांगन, प्रियंका साहू, रोशन ढीमर, रामनारायण देवांगन, तोषण साहू, इलेश यादव, डेमन लाल साहू, दीनदयाल साहू, डीलेश देवांगन, तिलोक साहू, भोलेंद्र ठाकुर, हेमंत ठाकुर सहित अन्य कार्यकर्ता संगठन विस्तार में सक्रिय बताए गए।

शिवसेना के इस बयान के बाद जिले की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।

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