DAILY BALOD NEWS

EDITOR IN CHIEF – DEEPAK YADAV.9755235270

Advertisement

सरपंच संघ ने खोला मोर्चा: पंचायत समस्याओं से लेकर मानदेय बढ़ोतरी तक, कलेक्टर को सौंपा बड़ा ज्ञापन

बालोद। जिले में ग्राम पंचायतों से जुड़ी समस्याओं को लेकर जिला सरपंच संघ ने एकजुट होकर प्रशासन के सामने अपनी आवाज बुलंद की है। संघ के अध्यक्ष क्रांति भूषण साहू के नेतृत्व में सरपंचों के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर दिव्या शर्मा को विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए कई अहम मांगें रखीं, जिनमें विकास कार्यों की गति, भुगतान में देरी, रिक्त पदों की पूर्ति और पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय बढ़ाने जैसे मुद्दे शामिल हैं।

पंचायतों की समस्याओं पर कलेक्टर से त्वरित कार्रवाई की मांग

13 अप्रैल 2026 को हुई जिला सरपंच संघ की बैठक में ग्राम पंचायतों में आ रही जमीनी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि जल जीवन मिशन के कई कार्य अधूरे हैं, जिन्हें शीघ्र पूर्ण कराना जरूरी है ताकि ग्रामीणों को पेयजल सुविधा मिल सके।

इसके साथ ही VB G-RAM-G योजना को लेकर स्पष्ट कार्ययोजना और समय पर स्वीकृति की मांग की गई, ताकि पंचायतों को पहले से जानकारी मिल सके और कार्यों का सुचारू क्रियान्वयन हो। सरपंचों ने यह भी कहा कि सरपंच और सचिव के बीच तालमेल बेहतर बनाने के लिए सभी जनपदों में संयुक्त बैठक आयोजित की जानी चाहिए।

रिक्त पदों और भुगतान में देरी बनी बड़ी समस्या

ज्ञापन में यह भी प्रमुखता से उठाया गया कि कई ग्राम पंचायतों में सचिव और रोजगार सहायक के पद रिक्त हैं, जिससे कामकाज प्रभावित हो रहा है। एक ही सचिव को कई पंचायतों का प्रभार मिलने से कार्यों में देरी और अनियमितता बढ़ रही है, इसलिए जल्द नियुक्ति की मांग की गई।

इसके अलावा मनरेगा (नरेगा) के तहत मजदूरी और सामग्री भुगतान में हो रही देरी को गंभीर समस्या बताया गया। सरपंचों ने कहा कि भुगतान प्रक्रिया नियमित नहीं होने से मजदूरों और पंचायतों दोनों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीण पहुंच मार्ग मरम्मत और तालाब चौड़ीकरण जैसे कार्यों को नरेगा में प्राथमिकता देने की भी मांग की गई।

उपमुख्यमंत्री के नाम सौंपा आवेदन: मानदेय बढ़ाने सहित कई मांगें

सरपंच संघ ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के नाम से भी आवेदन कलेक्टर के माध्यम से सौंपा। इसमें मांग की गई कि
ग्राम पंचायत सरपंच का मानदेय 20,000 रुपये और पंच का 2,000 रुपये किया जाए, ताकि पंचायत प्रतिनिधियों को आर्थिक मजबूती मिल सके।

इसके साथ ही जिला खनिज न्यास (DMF) की राशि के वितरण में संतुलन लाने की मांग उठाई गई। सरपंचों का कहना है कि वर्तमान में केवल प्रभावित क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे अन्य पंचायतों के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि आधी राशि प्रभावित क्षेत्र को और आधी अन्य पंचायतों को विकास कार्यों के लिए दी जाए।

संपत्ति कर और योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी उठे सवाल

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि संपत्ति कर के लिए स्वघोषणा पत्र भरने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन इसके लिए सक्षम अधिकारियों से स्पष्ट आदेश जारी किए जाएं ताकि वसूली में पारदर्शिता बनी रहे।

साथ ही VB G-RAM-G योजना के अंतर्गत निर्माण कार्यों की स्वीकृति अप्रैल-मई 2026 में जारी करने की मांग की गई, जिससे योजना का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके। मनरेगा भुगतान प्रक्रिया को नियमित करने की मांग भी दोहराई गई।

अविश्वास प्रस्ताव पर उठाए सवाल, महिला सशक्तीकरण पर चिंता

सरपंच संघ ने हाल ही में सामने आए अविश्वास प्रस्ताव के मामलों को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। ज्ञापन में बताया गया कि
15 अप्रैल को दो महिला सरपंचों को अविश्वास प्रस्ताव के चलते पद से हटाया गया, जबकि एक अन्य मामले में भी आवेदन लंबित है।

संघ का आरोप है कि चुनाव में हारे हुए कुछ लोग रंजिशवश पंचों को उकसाकर ऐसे प्रस्ताव ला रहे हैं, जिससे गांव का माहौल खराब हो रहा है और महिला सशक्तीकरण पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।

इस स्थिति को देखते हुए मांग की गई कि अविश्वास प्रस्ताव से पहले जनपद स्तर पर पंच-सरपंच की बैठक कराई जाए, ताकि सभी पक्ष अपनी बात रख सकें और निष्पक्ष निर्णय हो सके।

बड़ी संख्या में सरपंच रहे मौजूद

इस दौरान कृष्णा साहू (अध्यक्ष, बालोद सरपंच संघ), पुष्पलता बघेल (अध्यक्ष, डौंडीलोहारा), लता कोर्राम, दानेश्वरी साहू, धर्मेंद्र रामटेके (उपाध्यक्ष), दिलीप डहरे (सचिव), टोमन साहू, खोमन सिन्हा, रेनू गायकवाड़, डोमेश्वरी यादव,रूपोतिन साहू सरपंच पीरीद सहित बड़ी संख्या में सरपंच उपस्थित रहे।

You cannot copy content of this page