विधानसभा में गोधन न्याय योजना पर मुखर हुई विधायक, विपक्ष द्वारा योजना पर मजाक उड़ाने पर हमला , देखिए क्या कुछ कहा हमारी विधायक संगीता ने



बालोद/ गुरूर। महिलाओं को सम्मान दिलाने का कार्य भूपेश बघेल ने किया है। आज महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही है। स्वयं रोजगार प्राप्त कर दूसरे को भी रोजगार उपलब्ध करा रही है।महिलाओं का आत्मविश्वास बीते 2 सालों में बढ़ा है यह उनके उज्जवल और खुशहाल जीवन का संकेत है। गोधन न्याय योजना मील का पत्थर साबित हुई है। इस योजना की तारीफ पूरा देश कर रहा है। ऐसे में छत्तीसगढ़ में भाजपाई इस गोधन न्याय योजना की मजाक उड़ाने की तो सोचे ही मत। क्योंकि यह योजना आज अपनी सफलता के बेहतर मुकाम पर है। यह सभी बातें विधायक संगीता सिन्हा ने विधानसभा में योजना की जानकारी देते हुए कही।

संगीता सिन्हा ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश की गोधन न्याय योजना की गूंज पूरे देश में हैं। संसदीय समिति की बैठक में इसकी चर्चा की गई है। इसे पूरे देश में लागू करने की योजना पर भारत सरकार काम कर रही है। यह मुख्यमंत्री की दूरदर्शिता ही है जिसे विपक्ष के लोग मजाक में उड़ाते थे एवं कहते थे कि गोबर भी खरीदने की चीज है।आज वही गोबर प्रदेश में खुशहाली लाने, आर्थिक उन्नति का बड़ा आधार बन रहा है। ऐसा कभी किसी ने सोंचा भी नही होगा। पर कांग्रेस की सरकार में यह सब मुमकिन हुआ है। संगीता सिन्हा ने विधानसभा में अपने भाषण में कहा कि किसान बहुत सरल होता है। उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने कई योजना प्रारंभ की। नरवा गरवा घुरवा बाड़ी योजना इसका उदाहरण है। इससे कम लागत में बेहतर खेती की जा सकती है। महिलाएं गौठान में कंपोस्ट खाद बना रही है। प्रदेश की हजारों महिलाओं को स्थाई रोजगार मिला है। वह खाद, दिया, राखी, गुलाल बना रही है। गौठान की जैविक खाद खेतों के लिए अमृत तुल्य है। इससे प्रदेश के किसान, महंगी रसायनिक खाद के दुष्परिणाम से बच सकेंगे। प्रदेश सरकार की योजना से ग्रामीण महिलाएं कामकाजी हो गई है। वह घरों से बाहर निकलकर काम कर आत्मनिर्भर हो रही हैं एवं परिवार को आर्थिक सहायता दे रही है। ग्रामों में खुशहाली है परिवार में समृद्धि है।

विधायक संगीता सिन्हा ने कहा प्रदेश के आदिवासी युवाओं के लिए भी कई योजनाएं संचालित की गई है। उनके विकास उनकी समृद्धि उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। संगीता सिन्हा ने कहा आज पहली बार प्रदेश की प्राचीन संस्कृति को पहचान मिली है। उसे संरक्षित कर उसके गौरव को लौटाया जा रहा है। गेड़ी भौरा बाटी फुगड़ी जैसे पारंपरिक खेल जो विलुप्त हो रहे थे उसे वापस जीवित कर प्रदेश के सांस्कृतिक समृद्धि की ओर ले जाया जा रहा है। संगीता सिन्हा ने दुख प्रकट करते हुए कहा कि प्रदेश की प्राचीन धरोहर संस्कृति के विकास एवं पुनर्जीवन देने पर विपक्ष उसकी हंसी उड़ा कर प्रदेश की संस्कृति का अपमान कर रहा है।

संगीता सिन्हा ने कहा हम संस्कार के साथ आगे बढ़ेंगे तो हमारा देश भी ऊपर जाएगा ।हमारा नाम ऊपर जाएगा। संस्कार के साथ बच्चों को जोड़ कर चले तो देश का भविष्य उज्जवल होगा। बच्चे संस्कारवान बनेंगे। संगीता सिन्हा ने विधानसभा में कहा महिलाओं को सम्मान दिलाने का काम उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का काम छत्तीसगढ़ को सम्मान दिलाने का काम मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया है। प्रदेश में आज स्वतंत्र खुशहाली और समृद्धि है।

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