⚠️ सदर बाजार अतिक्रमण पर बवाल: भेदभाव के आरोप में नपा घेराव, अध्यक्ष और प्रदर्शनकारियों में तीखी नोकझोंक, 1 हफ्ते का अल्टीमेटम



बालोद। सदर बाजार में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर भेदभाव के आरोपों के बीच शुरू हुआ विवाद अब बड़े आंदोलन में बदलता जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी द्वारा नगर पालिका का घेराव किया गया, जो देर तक जारी रहा और मौके पर गहमागहमी का माहौल बना रहा।


भेदभाव का आरोप बना आंदोलन की वजह

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि
नगर पालिका द्वारा सदर बाजार में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई समान रूप से नहीं की जा रही,
यही वजह है कि वे नगर पालिका प्रशासन से जवाब मांगते हुए घेराव करने पहुंचे।


घेराव के दौरान हुआ जमकर हंगामा

घेराव के दौरान प्रदर्शनकारी
नगर पालिका अध्यक्ष को बाहर बुलाकर जवाब देने की मांग पर अड़े रहे।
स्थिति उस समय और गरमा गई जब
नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई।


नपा अध्यक्ष का बयान

नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी ने कहा कि
जो भी कार्रवाई हो रही है, वह जिला प्रशासन के निर्देश पर की जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि
व्यावहारिक रूप से जो संभव है, वही किया जा रहा है और इसके लिए वे व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार नहीं हैं।


नेताओं और पदाधिकारियों ने किया विरोध

प्रदर्शन में
क्रांति सेना के प्रदेश सचिव शशि भूषण चंद्राकर,
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के जिला अध्यक्ष गंगा निषाद,
उपाध्यक्ष दानी साहू सहित अन्य पदाधिकारी पहुंचे,
जिन्होंने अधिकारियों से जवाब-तलब करते हुए कड़ा विरोध जताया।


एक हफ्ते का अल्टीमेटम, नहीं तो जिला बंद की चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को एक हफ्ते के भीतर सदर बाजार को पूर्ण रूप से अतिक्रमण मुक्त करने का अल्टीमेटम दिया है।

उन्होंने चेतावनी दी कि
यदि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई, तो
सरकारी जमीन पर कब्जा करने और बालोद जिला बंद करने जैसे कदम उठाए जाएंगे।


पुलिस रही अलर्ट, सीएमओ की समझाइश बेअसर

मौके पर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा,
जबकि सीएमओ द्वारा समझाने की कोशिश भी की गई,
लेकिन प्रदर्शनकारियों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।


फिलहाल शांत, लेकिन बढ़ सकता है आंदोलन

अल्टीमेटम के बाद फिलहाल मामला अस्थायी रूप से शांत हुआ है,
लेकिन जिस तरह से चेतावनी दी गई है, उससे साफ है कि
आने वाले दिनों में यह विवाद और उग्र हो सकता है।

अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि
प्रशासन अगले एक हफ्ते में क्या ठोस कदम उठाता है।

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