बालोद। नगर पालिका परिषद बालोद क्षेत्र अंतर्गत सदर रोड में अतिक्रमण का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। नगर पालिका और जिला प्रशासन के कथित ढुलमुल रवैये के खिलाफ जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने सड़क पर उतरने का ऐलान कर दिया है। बुधवार को पार्टी कार्यकर्ताओं ने एसडीएम बालोद और थाना प्रभारी बालोद को ज्ञापन सौंपकर 17 अप्रैल को नगर पालिका परिषद का घेराव करने की सूचना दी।
सदर रोड से पूरा कब्जा हटे, आधी-अधूरी कार्रवाई मंजूर नहीं
पार्टी पदाधिकारियों ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि:
सदर रोड पर पूरी तरह अतिक्रमण हटाया जाए।
जिस तरह अन्य जगहों पर गरीबों के अतिक्रमण हटाए गए, उसी तरह सदर बाजार में भी समान कार्रवाई हो।
बार-बार मापदंड बदलकर नगर पालिका लोगों को उलझाने का प्रयास कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बार-बार बदल रही सीमा, लोगों में नाराजगी
सदर रोड अतिक्रमण मामले में नगर पालिका द्वारा सीमा रेखा बार-बार बदलने से लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। व्यवस्थापन के पहले गरीबों की गुमटियां तोड़े जाने को लेकर पहले ही नाराजगी जताई जा चुकी है। अब जब मुख्य बाजार में कार्रवाई की बारी आई है, तो नगर पालिका पीछे हटती नजर आ रही है।
पार्टी ने साफ कहा है कि कार्रवाई होगी तो पूरी सड़क से कब्जा हटाने की होगी, अन्यथा कोई कार्रवाई नहीं होने दी जाएगी।
व्यापारियों के दबाव में काम कर रही नपा
पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका व्यापारियों के दबाव में काम कर रही है।
गरीबों के मामले में सख्ती दिखाई गई, लेकिन व्यापारियों के मामले में नरमी बरती जा रही है।
अतिक्रमण हटाने से पहले बार-बार बैठक और मापदंड बदलकर प्रक्रिया को उलझाया जा रहा है।
जिलेभर का मिल रहा समर्थन
पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि आधी-अधूरी कार्रवाई से जनता में आक्रोश बढ़ रहा है।
केवल बालोद ही नहीं, बल्कि पूरे जिले की जनता सदर रोड के कब्जे से परेशान है।
17 अप्रैल के घेराव में जिलेभर से बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे।
सोशल मीडिया के माध्यम से आम लोगों से भी अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की गई है।
नगर पालिका कर रही गुमराह
ज्ञापन देने पहुंचे जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के पदाधिकारी—
जिला अध्यक्ष गंगा निषाद, उपाध्यक्ष दानी साहू, जिला महासचिव डी देशमुख, संगठन मंत्री नरेंद्र साहू, शशि भूषण चंद्राकर, कोमल साहू, जितेंद्र साहू, केदार साहू सहित अन्य ने बताया कि:
नगर पालिका परिषद पूरी तरह लोगों को गुमराह कर रही है।
पहले सड़क के दोनों ओर 2-2 मीटर छोड़ने की बात कही गई, अब 3-3 मीटर की नई बात कही जा रही है।
3 मीटर के बाद जो निशान लगाया गया है, उससे वर्तमान स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।
यह केवल व्यापारियों को फायदा पहुंचाने का प्रयास है, जिसका पार्टी विरोध करेगी और हर हाल में पूरी कार्रवाई कराएगी।
बड़ा सवाल
क्या सदर रोड से पूरा अतिक्रमण हटेगा या कार्रवाई आधी-अधूरी ही रह जाएगी?
17 अप्रैल के घेराव के बाद क्या प्रशासन सख्त कदम उठाएगा?
सदर रोड अतिक्रमण का यह मुद्दा अब जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है, जिस पर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
