बालोद। शहर में जिला अस्पताल के सामने हुए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद अब पुनर्व्यवस्था और दुकान आवंटन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इस बीच समाजसेवी उमेश कुमार सेन एक बार फिर जनहित के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते नजर आए हैं।
अतिक्रमण हटाने के बाद नई व्यवस्था पर फोकस
प्रशासन द्वारा कार्रवाई के बाद नगर पालिका ने प्रभावित व्यापारियों को पुलिस कॉलोनी एवं किसान राइस मिल के सामने वैकल्पिक स्थान देने की प्रक्रिया शुरू की है, ताकि उनका रोजगार प्रभावित न हो।
स्थानीय बेरोजगारों को प्राथमिकता देने की मांग
उमेश कुमार सेन ने नगर पालिका से अपील करते हुए कहा कि नई जगह आवंटन में स्थानीय बेरोजगार युवाओं और जरूरतमंद नागरिकों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि
“स्थानीय लोगों को रोजगार देना ही सच्चे जनसेवा का उद्देश्य होना चाहिए।”
दुकानों के किराए पर देने पर सख्ती जरूरी
उन्होंने एक गंभीर समस्या की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि कई बार लाभार्थी खुद दुकान संचालित न कर उसे किराए पर दे देते हैं। इस पर उन्होंने मांग रखी—
- दुकानों को किराए पर देने पर पूर्ण प्रतिबंध लगे
- नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई हो
- व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए
पारदर्शिता के लिए सुझाए ठोस उपाय
उमेश कुमार सेन और शहरवासियों ने मिलकर कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए—
- आवंटन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो
- स्थानीय निवासियों को प्राथमिकता मिले
- जरूरतमंदों का सर्वे कर सूची तैयार की जाए
- वास्तविक लाभार्थियों को ही दुकान/स्थान आवंटित किया जाए
निष्कर्ष
अब शहरवासियों की नजरें नगर पालिका पर टिकी हैं कि वह इन जनहित से जुड़े सुझावों को कितना अमल में लाती है। यह मुद्दा न केवल पुनर्व्यवस्था का है, बल्कि स्थानीय रोजगार और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का भी है, जिस पर ठोस निर्णय की आवश्यकता है।
