बालोद। मध्यप्रदेश के पचमढ़ी स्थित राष्ट्रीय साहसिक संस्थान में आयोजित पांच दिवसीय छत्तीसगढ़ विशेष राष्ट्रीय साहसिक कार्यक्रम का समापन 24 मार्च को हुआ, जिसमें बालोद जिले के स्काउट्स एवं गाइड्स ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया।
20 से 24 मार्च तक चला रोमांचक प्रशिक्षण
यह विशेष कैंप 20 से 24 मार्च तक आयोजित किया गया, जिसमें बालोद जिले के विभिन्न विद्यालयों से कुल 46 प्रतिभागियों और 4 प्रभारी सहित 50 लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन भारत स्काउट्स एवं गाइड्स राज्य मुख्यालय के निर्देशानुसार किया गया।
रोमांचक गतिविधियों में दिखाया उत्साह
कैंप के दौरान प्रतिभागियों ने हाइकिंग, ट्रेकिंग, जिप लाइनिंग, स्काई साइकिलिंग, वैली क्रॉसिंग, टायर टनल, राइफल शूटिंग, आर्चरी, हॉर्स राइडिंग, बोटिंग एवं क्लाइंबिंग जैसी साहसिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
इसके साथ ही बी फॉल, बायसन लॉज, जटाशंकर गुफा, पांडव गुफा और राजेंद्र पार्क का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
प्रतिदिन आयोजित कैंप फायर में बालोद के प्रतिभागियों ने छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति की झलक पेश करते हुए कर्मा नृत्य सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।
विशेष मार्गदर्शन में हुआ आयोजन
कार्यक्रम जिला मुख्य आयुक्त राकेश यादव, जिला शिक्षा अधिकारी मधुलिका तिवारी सहित अन्य पदाधिकारियों के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कैंप का नेतृत्व जिला प्रभारी दुष्यंत कोलियारे, सुमन तिवारी, अन्नपूर्णा ध्रुव एवं हिमा देहारी द्वारा किया गया।
समापन पर मिला सम्मान
अंतिम दिवस सर्वधर्म प्रार्थना, ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस दौरान सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
निष्कर्ष
इस राष्ट्रीय साहसिक कैंप में बालोद जिले के स्काउट्स-गाइड्स ने जिस उत्साह, अनुशासन और प्रतिभा का प्रदर्शन किया, वह न केवल उनके व्यक्तिगत विकास का प्रमाण है, बल्कि जिले के लिए गर्व की बात भी है। ऐसे आयोजन युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
