पिता राजमिस्त्री, लेकिन हौसले बुलंद — संघर्ष के बीच रचा इतिहास
हौसले और जज्बे से जीता राष्ट्रीय पदक, बनीं प्रेरणा
रिपोर्टर: शेखर गुप्ता, दल्लीराजहरा। आंध्र प्रदेश के एसआरकेआर इंजीनियरिंग कॉलेज, भीमावरम में आयोजित इंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन (IABF) की राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ के दल्ली राजहरा की प्रतिभाशाली खिलाड़ी जैस्मिन साहू ने कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। इस उपलब्धि से न केवल लौहनगरी दल्लीराजहरा बल्कि पूरे प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित हुआ है।
देशभर के 28 राज्यों से पहुंचे 500 खिलाड़ी

इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर के 28 राज्यों से लगभग 500 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ से कुल 9 खिलाड़ियों ने भागीदारी निभाई, जिनमें राजहरा मार्शल आर्ट्स क्लब की एकमात्र खिलाड़ी जैस्मिन साहू ने पदक हासिल कर प्रदेश का मान बढ़ाया।
आर्थिक तंगी के बावजूद नहीं टूटा हौसला
शहीद चौक के पास रहने वाली जैस्मिन साहू के पिता खिलानंद साहू राजमिस्त्री का काम करते हैं। सीमित संसाधनों और कमजोर आर्थिक स्थिति के बावजूद परिवार ने बेटी के सपनों को उड़ान देने में कोई कमी नहीं छोड़ी। जैस्मिन की मेहनत, समर्पण और खेल के प्रति जुनून ने यह साबित कर दिया कि “अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती।”
कोच के मार्गदर्शन में मिली सफलता
जैस्मिन ने अपने कोचों के मार्गदर्शन और कठिन परिश्रम के दम पर यह मुकाम हासिल किया। उनके प्रदर्शन ने यह दिखा दिया कि ग्रामीण और छोटे शहरों की प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं।
अन्य प्रतिभाओं ने भी निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
प्रतियोगिता के दौरान ओंकार साहू और तनुजा साहू ने रेफरी एवं जज की परीक्षा उत्तीर्ण की, वहीं प्रणव शंकर साहू और अमन यादव ने ऑफिशियल के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई।
खिलाड़ियों को मिला सम्मान और सुविधाएं
इंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन द्वारा खिलाड़ियों के लिए नगद पुरस्कार, टीए/डीए और उच्च स्तरीय आवास की व्यवस्था की गई थी।
राष्ट्रीय स्तर से मिला प्रोत्साहन
संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निजी सचिव डॉ. राकेश मिश्रा ने छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी और प्रदेश में बॉक्सिंग के विकास के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
नगर में खुशी की लहर
जैस्मिन साहू की इस उपलब्धि पर राजहरा मार्शल आर्ट्स क्लब के संचालक लखन साहू, सह-संचालक हरभंश कौर, खिलाड़ियों, पालकों और खेल प्रेमियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।
निष्कर्ष
जैस्मिन साहू की सफलता यह संदेश देती है कि संसाधनों की कमी नहीं, बल्कि हौसलों की कमी ही असली बाधा होती है। उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनकर उभरेगी और प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का हौसला देगी।
