बालोद, 23 मार्च 2026।
जिले में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने को लेकर अब प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने सभी राजस्व अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई युद्ध स्तर पर की जाए और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह निर्देश उन्होंने संयुक्त जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा बैठक के दौरान दिए।
पेयजल संकट से निपटने के लिए समय पूर्व तैयारी के निर्देश
बैठक में कलेक्टर ने ग्रीष्मकाल के दौरान संभावित जल संकट को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभागों को अभी से पुख्ता इंतजाम करने को कहा। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा नगरीय प्रशासन विभाग को निर्देशित किया कि जिलेवासियों को पेयजल और निस्तारी हेतु पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग और फील्ड विजिट भी सुनिश्चित करने को कहा गया।
अवैध पंप कनेक्शन पर होगी सख्त कार्रवाई
कलेक्टर ने अधिकारियों को अवैध पंप कनेक्शन धारकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि अधिकारी मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लें और जल प्रबंधन को लेकर गंभीरता दिखाएं, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
राजस्व पखवाड़ा का होगा आयोजन
बैठक में जानकारी दी गई कि 01 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक जिले में राजस्व पखवाड़ा आयोजित किया जाएगा, जिसमें आम जनता की राजस्व संबंधी समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाएगा। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को इसके सफल आयोजन के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
हितग्राही योजनाओं की जानकारी देने पर जोर
खनिज न्यास संस्थान की राशि के उपयोग को लेकर भी कलेक्टर ने दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान करने जैसी योजनाओं का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि पात्र लोगों को इसका लाभ मिल सके।
राज्य स्तरीय कार्यक्रम की तैयारी के निर्देश
कलेक्टर ने 25 मार्च को आयोजित होने वाले दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के राज्य स्तरीय कार्यक्रम की जानकारी देते हुए जिला स्तर पर भी आयोजन की तैयारी सुनिश्चित करने को कहा। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय वर्चुअल रूप से शामिल होकर हितग्राहियों से संवाद करेंगे।
निष्कर्ष
जिले में अतिक्रमण हटाने और पेयजल व्यवस्था को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बाद उम्मीद की जा रही है कि आम जनता को राहत मिलेगी और व्यवस्थाओं में तेजी से सुधार देखने को मिलेगा।
