बालोद, 18 मार्च 2026। आगामी चैत्र नवरात्रि पर्व को देखते हुए बालोद पुलिस ने गंगा मैय्या मंदिर झलमला में सुचारू और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विशेष रूट डायवर्जन प्लान लागू किया है। 19 मार्च से 27 मार्च 2026 तक चलने वाले इस पर्व में भारी भीड़ की संभावना को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए लिया गया फैसला
पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन में यह व्यवस्था बनाई गई है। अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) बोनीफॅास एक्का और यातायात प्रभारी रविशंकर पाण्डेय के नेतृत्व में ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है, ताकि दर्शनार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इन मार्गों से जाएंगे भारी वाहन
नवरात्रि के दौरान बड़े मालवाहक वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं—
- धमतरी से आने वाले वाहन: गुरूर – झलमला तिराहा – पड़कीभाठ बायपास – पाररास – बटेरा चौक लोहारा
- दुर्ग से आने वाले वाहन: गुण्डरदेही – पड़कीभाठ बायपास – बटेरा चौक लोहारा
- राजहरा से आने वाले वाहन: कुसुमकसा – बटेरा चौक लोहारा – पाररास बायपास – पड़कीभाठ
- राजनांदगांव से आने वाले वाहन: लोहारा – बटेरा चौक – पाररास बायपास – पड़कीभाठ
यह रूट डायवर्जन 19 से 27 मार्च तक प्रभावी रहेगा।
श्रद्धालुओं के लिए बनाए गए विशेष पार्किंग स्थल
मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए चार प्रमुख पार्किंग स्थान निर्धारित किए गए हैं—
- धमतरी-गुरूर मार्ग से आने वाले: पुलिस कॉलोनी परिसर, झलमला
- दुर्ग-गुण्डरदेही मार्ग से आने वाले: झलमला बाजार चौक
- राजहरा-राजनांदगांव मार्ग से आने वाले: सिवनी मैदान पार्किंग
- अन्य वाहन: बालोद बाजार (हीरापुर मोड़ के सामने)
पुलिस की अपील: नियमों का करें पालन
यातायात पुलिस ने सभी श्रद्धालुओं और वाहन चालकों से अपील की है कि—
निर्धारित पार्किंग में ही वाहन खड़ा करें, सड़कों पर अव्यवस्थित पार्किंग से बचें और बड़े वाहन चालक निर्धारित डायवर्जन मार्ग का ही उपयोग करें।
संपर्क नंबर भी जारी
किसी भी जानकारी या सहायता के लिए—
पुलिस कंट्रोल रूम बालोद: 94791-91160
यातायात कार्यालय बालोद: 77492-23817
शांतिपूर्ण और सुरक्षित नवरात्रि के लिए प्रशासन सतर्क
जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने आम नागरिकों से सहयोग की अपील की है, ताकि चैत्र नवरात्रि पर्व शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।
