बस्तर। बस्तर विकासखंड में कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले कर्मचारियों और अधिकारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। ब्लॉक संयोजक शैलेंद्र तिवारी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार श्रीमती जॉली जेम्स को मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की।
लंबित मांगों को लेकर बढ़ा आक्रोश
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने बताया कि उनकी कई महत्वपूर्ण मांगें लंबे समय से लंबित हैं, जिन पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ज्ञापन में महंगाई भत्ता (DA) और एरियर्स का भुगतान, लंबित पदोन्नति प्रक्रिया, वेतन विसंगतियों का निराकरण, अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों का निपटारा, संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण और पंचायत सचिवों का शासकीयकरण जैसी प्रमुख मांगों को शामिल किया गया।
पहले भी उठा चुके हैं मुद्दे, अब आंदोलन तेज करने की चेतावनी
फेडरेशन पदाधिकारियों ने कहा कि इन मांगों को लेकर पहले भी शासन-प्रशासन को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
बड़ी संख्या में कर्मचारी रहे मौजूद
इस दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी और अधिकारी उपस्थित रहे और एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की। ज्ञापन सौंपते समय प्रशासन से सकारात्मक पहल की अपेक्षा जताई गई, ताकि कर्मचारियों की समस्याओं का जल्द समाधान हो सके।
ये रहे प्रमुख उपस्थित सदस्य
इस अवसर पर कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के विकासखंड संयोजक शैलेंद्र तिवारी, सचिव योगेश हरदाहे, कैलाश जैन, टीपी जोशी, दुर्गाशंकर तिवारी, विष्णु यादव, सुमित्रा ध्रुव, कृष्ण कुमार बघेल, हीरालाल यादव, श्रीमती सुनीता रामटेके, सावित्री बघेल, सौरभ कुजूर, अजय कुमार नाग, कृष्णा ठाकुर, श्रीराम बघेल, लक्ष्मीनाथ भारती, धनेश्वर ठाकुर, बैद्यनाथ कश्यप, रामेश्वरी साहू, बुधियारिन भारती, अनीता ध्रुव, अमित कुंडू, वंदना नाग, कल्पना चौधरी, रयमती नाग, जगदीश देहारी, कुंती कुंजाम, पद्मा कश्यप, डीलेश बघेल, नरेश कश्यप, श्रीमती ज्योति साहू, चमरूराम बघेल, पीलू राम नाग सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
समाधान की उम्मीद, प्रशासन की भूमिका अहम
कर्मचारियों को अब प्रशासन से सकारात्मक पहल की उम्मीद है। यदि समय रहते मांगों का निराकरण नहीं हुआ, तो आने वाले समय में यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।
