बालोद में अतिक्रमण पर सख्ती: 3 दिन की मुनादी के बाद चलेगा बुलडोजर, नगरपालिका की विशेष बैठक में बड़ा फैसला



बालोद, 18 मार्च 2026। नगर में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और बिगड़ती यातायात व्यवस्था को लेकर नगरपालिका परिषद बालोद ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को आयोजित विशेष बैठक में यह निर्णय लिया गया कि तीन दिन तक मुनादी के जरिए चेतावनी देने के बाद अतिक्रमण नहीं हटाने वालों पर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी


अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक

नगरपालिका परिषद के सभा कक्ष में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता श्रीमती प्रतिभा चौधरी ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य नगर के भीतरी और व्यापारिक क्षेत्रों, खासकर सदर रोड पर बढ़ते अतिक्रमण को लेकर ठोस रणनीति बनाना था।

बैठक में पार्षदों के साथ तहसीलदार, यातायात प्रभारी, राजस्व निरीक्षक, हल्का पटवारी एवं चेम्बर ऑफ कॉमर्स बालोद के पदाधिकारी भी शामिल हुए।


सदर रोड बना चिंता का विषय

बैठक के दौरान सदस्यों ने विशेष रूप से सदर रोड के दोनों किनारों पर नालियों के ऊपर किए गए अतिक्रमण को गंभीर समस्या बताया।
मुख्य बिंदु:

  • अतिक्रमण से यातायात बाधित हो रहा है
  • आम नागरिकों और व्यापारियों को आवागमन में परेशानी
  • छोटी-बड़ी दुर्घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी

तीन दिन की मुनादी, फिर सख्त कार्रवाई

विस्तृत चर्चा के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि:

  • पहले अतिक्रमण का चिन्हांकन किया जाएगा
  • फिर तीन दिन तक लगातार मुनादी कर चेतावनी दी जाएगी
  • इसके बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाने पर प्रशासन खुद कार्रवाई करेगा

जनप्रतिनिधि और व्यापारी संगठनों की मौजूदगी

बैठक में उपाध्यक्ष कमलेश सोनी सहित पार्षदगण—
पुष्पा साहू, किरण साहू, प्रीतम यादव, कांति साहू, सतीश यादव, रीता सोनी, दीपक कुमार, सुमित शर्मा, सुनीता मनहर, आशा पटेल, गोकुल ठाकुर, विनोद बंटी शर्मा, गोमती रात्रे, गिरिजेश गुप्ता, श्यामा यादव, कशीमुद्दीन कुरैशी और धीरज उपाध्याय उपस्थित रहे।

वहीं विशेष आमंत्रित सदस्यों में हरीश सॉखला, विकास श्रीश्रीमाल, राजकुमार ढुवानी, शरद अग्रवाल, अजय ओटवानी, सुभाष चौधरी, राजा सलूजा, श्रवण टावरी, युसुफ खान, रविशंकर पाण्डेय, अटल दुबे, राहुल गोलछा, महेश पाठक, कमल बजाज और रविकुमार कमल पम्पालिया सहित अन्य गणमान्य नागरिक शामिल हुए।


यातायात सुधार की दिशा में बड़ा कदम

नगरपालिका परिषद की इस पहल को बालोद शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
अब देखना होगा कि मुनादी के बाद अतिक्रमणकारियों द्वारा स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाया जाता है या प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी पड़ती है

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