नई तकनीक से खेती में क्रांति: बालोद के किसान डॉ. संदीप बेलचंदन ने 3 एकड़ में शुरू की चिया सीड की खेती, कम खर्च में अधिक मुनाफा



बालोद। खेती में नवाचार और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर किसान अब पारंपरिक फसलों से आगे बढ़ रहे हैं। इसी कड़ी में बालोद जिले के ग्राम सिब्दी (पोस्ट भरदाकाल, तहसील अर्जुन्दा) के प्रगतिशील किसान डॉ. संदीप बेलचंदन ने चिया सीड की खेती कर एक नई मिसाल पेश की है। करीब 3 एकड़ क्षेत्र में की जा रही यह खेती अब क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रही है।


नई तकनीक से नई पहचान बना रहे किसान

डॉ. संदीप बेलचंदन ने पारंपरिक धान और अन्य फसलों के साथ-साथ कुछ नया करने की सोच के तहत चिया सीड की खेती शुरू की। उनके इस प्रयास में मार्गदर्शक योगेश्वर देशमुख का विशेष सहयोग रहा, जिनकी सलाह और तकनीकी मार्गदर्शन से यह खेती सफल दिशा में आगे बढ़ रही है।

चिया सीड एक औषधीय और पोषक तत्वों से भरपूर फसल मानी जाती है, जिसकी मांग देश और विदेश दोनों बाजारों में तेजी से बढ़ रही है। यही वजह है कि किसान अब इसे एक लाभकारी विकल्प के रूप में अपना रहे हैं।


कम लागत, ज्यादा मुनाफा – यही है खासियत

चिया सीड की खेती की सबसे बड़ी खासियत इसका कम लागत में अधिक लाभ देना है।
इस फसल में पानी की आवश्यकता कम होती है और कीट-रोग भी अपेक्षाकृत कम लगते हैं, जिससे किसानों का खर्च काफी घट जाता है।

मुख्य फायदे:

  • कम सिंचाई की जरूरत
  • कम कीटनाशक खर्च
  • कम समय में तैयार होने वाली फसल
  • बाजार में ऊंची कीमत

डॉ. बेलचंदन बताते हैं कि जहां पारंपरिक खेती में लागत ज्यादा और मुनाफा सीमित होता है, वहीं चिया सीड से बेहतर आमदनी की संभावना बनती है।


नीमच मंडी में मिलती है अच्छी कीमत

चिया सीड की बिक्री के लिए मध्यप्रदेश के नीमच मंडी एक प्रमुख बाजार के रूप में उभरकर सामने आई है। यहां इस फसल की अच्छी मांग और बेहतर दाम मिलते हैं, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलता है।

डॉ. बेलचंदन अपनी उपज को नीमच मंडी में बेचने की तैयारी कर रहे हैं, जहां उन्हें उचित मूल्य मिलने की पूरी उम्मीद है।


अन्य किसानों के लिए बन रहे प्रेरणा स्रोत

डॉ. संदीप बेलचंदन की इस पहल से आसपास के किसान भी अब नई फसलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। कई किसान उनके खेत का निरीक्षण कर चिया सीड की खेती की जानकारी ले रहे हैं और इसे अपनाने की योजना बना रहे हैं।


खेती में बदलाव की जरूरत

आज के समय में बदलते मौसम और बढ़ती लागत के कारण किसानों को नई तकनीक और वैकल्पिक फसलों की ओर बढ़ना जरूरी हो गया है। चिया सीड जैसी फसलें न केवल आर्थिक रूप से फायदेमंद हैं, बल्कि कम संसाधनों में भी बेहतर उत्पादन देती हैं।


नई राह दिखा रही है चिया सीड खेती

डॉ. संदीप बेलचंदन का यह प्रयास यह साबित करता है कि अगर किसान सही मार्गदर्शन और नई सोच के साथ खेती करें, तो वे कम जमीन में भी अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं

बालोद जिले में चिया सीड की यह पहल आने वाले समय में कृषि क्षेत्र में एक नई क्रांति का रूप ले सकती है और किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

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