दल्ली राजहरा में साहित्य का भव्य उत्सव: वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. शिरोमणि माथुर की पांच पुस्तकों का हुआ भव्य विमोचन



शेखर गुप्ता, दल्ली राजहरा। नगर की वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. शिरोमणि माथुर की पांच नई पुस्तकों का भव्य विमोचन एक गरिमामय समारोह में किया गया। इस अवसर पर साहित्य, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में साहित्य और संस्कृति के प्रति लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था।

मुख्य अतिथियों की उपस्थिति में हुआ कार्यक्रम

समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन में कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पांडे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा) सुरेश कुमार चंद्रवंशी ने की।
विशेष अतिथि के रूप में हेमचंद विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार भूपेंद्र कुलदीप, नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू, विधायक प्रतिनिधि पीयूष सोनी, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी और जिला भाजपा महामंत्री सौरभ लूनिया उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। आयोजक कैलाश बरमेचा ने स्वागत भाषण दिया, जिसके बाद अतिथियों द्वारा डॉ. शिरोमणि माथुर की पांचों पुस्तकों का विधिवत विमोचन किया गया।

साहित्य सेवा से समाज को मिल रही नई प्रेरणा

मुख्य अतिथि राकेश पांडे ने अपने संबोधन में कहा कि दल्ली राजहरा से उनका लगभग 40 वर्षों पुराना संबंध रहा है और उन्हें इस समारोह में शामिल होने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि मां सरस्वती की कृपा से डॉ. शिरोमणि माथुर निरंतर साहित्य सेवा कर रही हैं और अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज को नई दिशा व प्रेरणा प्रदान कर रही हैं। उन्होंने भविष्य में दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में कवि सम्मेलन आयोजित कर उनकी रचनाओं से लोगों को परिचित कराने का आश्वासन भी दिया।

नई रचनाओं का सृजन करना अद्भुत कार्य

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सुरेश कुमार चंद्रवंशी ने कहा कि इस उम्र में भी लगातार साहित्य सेवा और नई-नई रचनाओं का सृजन करना वास्तव में अद्भुत कार्य है। उन्होंने कहा कि डॉ. शिरोमणि माथुर अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज को मार्गदर्शन और प्रेरणा प्रदान कर रही हैं।

विश्वविद्यालय में पढ़ाई जाएंगी डॉ. माथुर की कृतियां

कार्यक्रम में हेमचंद विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि ने जानकारी दी कि विश्वविद्यालय के हिंदी एमए पाठ्यक्रम में डॉ. शिरोमणि माथुर की पुस्तक को शामिल किया जाएगा। साथ ही उम्मीद जताई गई कि भविष्य में एमए हिंदी के छात्र उनकी पुस्तकों पर शोध कर पीएचडी भी करेंगे।

साहित्यकारों और विशिष्टजनों का हुआ सम्मान

इस अवसर पर हस्ताक्षर साहित्य समिति के वरिष्ठ साहित्यकारों का सम्मान मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों द्वारा शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह देकर किया गया।
दुर्ग-भिलाई से आए वरिष्ठ साहित्यकारों और विशिष्टजनों को अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।

आयोजन में कैलाश बरमेचा की रही अहम भूमिका

विमोचन समारोह के आयोजन में कैलाश बरमेचा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने साहित्यकार, कवयित्री और समाजसेविका डॉ. शिरोमणि माथुर को अपनी धर्ममाता मानते हुए इस आयोजन को सफल बनाने में विशेष योगदान दिया। उन्होंने देश के विभिन्न क्षेत्रों के साहित्यकारों को इस मंच पर एकत्र कर साहित्यिक संवाद का सुंदर वातावरण तैयार किया।

कार्यक्रम के दौरान आशुतोष माथुर, रश्मि अग्रवाल, दिगंत माथुर और पार्थ माथुर ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह, शाल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम का संचालन सुनील श्रीवास्तव ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन लायंस क्लब दुर्ग की अध्यक्ष रश्मि अग्रवाल ने किया।

इस अवसर पर आयोजित यह साहित्यिक समारोह साहित्य प्रेमियों के लिए एक यादगार और प्रेरणादायक आयोजन बन गया, जिसने साहित्य, संस्कार और संबंधों की मधुरता को एक साथ मंच पर जीवंत कर दिया।

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