आरटीआई में मांगी गई धार्मिक संस्थानों से संबंधित जानकारी कलेक्टर कार्यालय में उपलब्ध नहीं – जन सूचना अधिकारी का जवाब



बालोद। सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के अंतर्गत बालोद जिले में संचालित विभिन्न धार्मिक संस्थानों एवं उनसे संबंधित संपत्तियों की जानकारी प्राप्त करने के उद्देश्य से प्रस्तुत आवेदन पर कलेक्टर कार्यालय बालोद द्वारा उत्तर जारी किया गया है। जन सूचना अधिकारी, कार्यालय कलेक्टर जिला बालोद द्वारा जारी पत्रों में बताया गया है कि आवेदक द्वारा मांगी गई जानकारी कार्यालय के उपलब्ध अभिलेखों में दर्ज नहीं है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विश्व हिंदू परिषद जिला सह मंत्री एवं पूर्व बजरंग दल जिला संयोजक श्री उमेश कुमार सेन, निवासी वार्ड क्रमांक 07 काशीबन तालाब के पास, बालोद द्वारा दिनांक 02 फरवरी 2026 को सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत दो अलग-अलग आवेदन प्रस्तुत किए गए थे।
पहले आवेदन में बालोद जिले के अंतर्गत वक्फ बोर्ड के अधीन पंजीकृत भूमि, संपत्तियों, धार्मिक स्थलों, मस्जिद, मदरसा, दरगाह एवं कब्रिस्तान से संबंधित विस्तृत जानकारी मांगी गई थी। इसमें संबंधित संपत्तियों का पूरा पता, क्षेत्रफल, खसरा नंबर, वर्तमान उपयोग, स्वामित्व, संचालन करने वाली संस्था या व्यक्ति का विवरण, लीज अथवा किराया, आय का वार्षिक विवरण, विवाद अथवा अतिक्रमण की स्थिति तथा पिछले पांच वर्षों में हुए रखरखाव एवं निर्माण कार्यों का विवरण शामिल था।
दूसरे आवेदन में बालोद जिले के अंतर्गत ईसाई समुदाय से संबंधित चर्च, गिरजाघर, प्रार्थना स्थल एवं कब्रिस्तान से संबंधित जानकारी मांगी गई थी। इसमें स्थापना वर्ष, भूमि स्वामित्व की स्थिति, संचालन व्यवस्था, किसी प्रकार की प्रशासनिक जांच अथवा कार्रवाई, तथा स्थानीय अभिलेखों के अनुसार संबंधित समुदाय की जनसंख्या से जुड़े विवरण की जानकारी भी मांगी गई थी।
कलेक्टर कार्यालय बालोद द्वारा जारी पत्र क्रमांक 1349 / लो.सू.अधि. AP.NO.21 / 2026 तथा 1350 / लो.सू.अधि. AP.NO.23 / 2026, दिनांक 25 फरवरी 2026 के माध्यम से बताया गया कि उक्त जानकारी प्राप्त करने के लिए आवेदन को संबंधित अल्पसंख्यक शाखा को भेजा गया था। अल्पसंख्यक शाखा द्वारा दिनांक 24 फरवरी 2026 को पत्र के माध्यम से सूचित किया गया कि कार्यालय में उपलब्ध अभिलेखों के अवलोकन के बाद भी आवेदक द्वारा मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
इसके आधार पर जन सूचना अधिकारी द्वारा आवेदक को सूचित किया गया कि जब संबंधित जानकारी कार्यालय के अभिलेखों में उपलब्ध नहीं है, तब सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के प्रावधानों के तहत जानकारी उपलब्ध कराना संभव नहीं है।
इस संबंध में विश्व हिंदू परिषद जिला सह मंत्री एवं पूर्व बजरंग दल जिला संयोजक श्री उमेश कुमार सेन ने कहा कि यह जानकारी बालोद जिले में विभिन्न धार्मिक संस्थानों की स्थिति एवं अभिलेखीय पारदर्शिता के उद्देश्य से मांगी गई थी। उन्होंने बताया कि जिले में समय-समय पर सामने आने वाली धर्म परिवर्तन अथवा धर्मांतरण से संबंधित घटनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक अभिलेखों की स्थिति स्पष्ट करने के लिए यह जानकारी प्राप्त करना आवश्यक समझा गया था।
उन्होंने यह भी कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के अंतर्गत यदि मांगी गई जानकारी किसी अन्य विभाग या प्राधिकरण के पास उपलब्ध हो, तो अधिनियम की धारा 6(3) के अनुसार आवेदन को संबंधित सक्षम विभाग को प्रेषित कर वहां से जानकारी मंगवाई जा सकती है। ऐसे में यह स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि क्या संबंधित जानकारी अन्य विभागों में उपलब्ध है और क्या उसे वहां से प्राप्त किया जा सकता है।
श्री सेन ने कहा कि इस विषय में आवश्यक होने पर सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत उपलब्ध वैधानिक प्रावधानों के अनुसार आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, ताकि जिले में उपलब्ध अभिलेखों की स्थिति स्पष्ट हो सके और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

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