बालोद। भक्त माता कर्मा शासकीय कन्या महाविद्यालय, बालोद (छ.ग.) में हिन्दी विभाग के द्वारा बसंत पंचमी के सुअवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती माँ एवं सूर्यकांत त्रिपाठी निराला के छायाचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इस अवसर पर कु. माधवी और उनकी साथी ने सरस्वती वंदना का सुंदर गायन प्रस्तुत किया।
प्रभारी प्राचार्य सुश्री कलेन्द्री रावटे ने कहा कि प्राचीन समय में बसंत पंचमी को सरस्वती नदी का त्यौहार भी माना जाता था। यह पर्व ज्ञान, विद्या और संगीत की देवी के सम्मान में मनाया जाता है और माघ शुक्ल पंचमी के दिन उनकी पूजा करने से ज्ञान और विवेक की प्राप्ति होती है। उन्होंने यह भी बताया कि इस दिन सूर्यकांत त्रिपाठी निराला का जन्म हुआ था, जो छायावादी साहित्य के प्रसिद्ध रचनाकार हैं।
हिन्दी विभागाध्यक्ष धीवराज कुमार भोयर ने कार्यक्रम के महत्व को समझाते हुए कहा कि इस दिन विशेष रूप से गायन, वादन और अभिनय क्षेत्रों में रुचि रखने वाले श्रद्धापूर्वक सरस्वती पूजा करते हैं। कार्यक्रम में प्रो. डॉ. अमित कुमार सिंह और प्रो. संतोष कुमार राना ने भी बसंत पंचमी के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।
छात्राओं कु. ममता और कु. माधवी (बी.एस. विज्ञान अंतिम वर्ष) ने गीत प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में उपस्थित सभी छात्राओं और स्टाफ को लेखनी प्रदान की गई, उसके पश्चात मिष्ठान्न वितरण भी किया गया। कार्यक्रम का समापन प्रो. दीपाली ने किया।
इस अवसर पर अतिथि वक्ताओं श्री विनोद कुमार साहू, डॉ. श्रेष्ठा शुक्ला, सुश्री जिज्ञासा पटेल, सुश्री वर्षा साहू और श्रीमती त्रिवेनी सेन सहित छात्राएँ उपस्थित रहीं।
भक्त माता कर्मा कन्या महाविद्यालय, बालोद में बसंत पंचमी पर हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रम
