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आस्था: सोमनाथ मंदिर के सहस्राब्दी निर्माण वर्ष पर भोला पठार के शिवालय में हुई पूजा-अर्चना

बालोद। भगवान सोमनाथ मंदिर के सहस्राब्दी निर्माण वर्ष के अवसर पर भाजपा करहीभदर मंडल द्वारा पर्रेगुड़ा स्थित भोला पठार शिवालय में विधिपूर्वक शिव अभिषेक एवं पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र की समृद्धि, सुख-शांति एवं खुशहाली के लिए मंगल कामनाएँ की गईं।
पूजा-अर्चना पुरोहित द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई, जिसमें शिवलिंग पर विधिवत पूजन सामग्री अर्पित की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला भाजपा महामंत्री राकेश छोटू यादव ने सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि गुजरात के काठियावाड़ क्षेत्र में समुद्र तट पर स्थित सोमनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है, जिसका उल्लेख श्रीमद्भागवत एवं स्कंद पुराण में मिलता है। उन्होंने कहा कि चंद्रदेव (सोम) ने भगवान शिव को अपना नाथ मानकर यहाँ तपस्या की थी, इसी कारण इसका नाम सोमनाथ पड़ा। इतिहास गवाह है कि इस मंदिर पर महमूद गजनवी सहित कई विदेशी आक्रांताओं द्वारा 17 बार हमले किए गए, मंदिर को तोड़ा गया और संपदा लूटी गई, लेकिन प्रत्येक बार देशवासियों ने इसका पुनर्निर्माण कर अपनी आस्था और संस्कृति को जीवित रखा।
स्वतंत्रता के बाद सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण कैलाश महा-मेरु प्रसाद शैली में किया गया, जिसमें लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वर्तमान भव्य मंदिर का राष्ट्र को समर्पण 1 दिसंबर 1995 को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा द्वारा किया गया। इस मौके पर मौजूद जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन साहू ने कहा कि सोमनाथ मंदिर हमारी धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। हजारों वर्षों की विपत्तियों के बाद भी आज यह मंदिर अपनी दिव्यता और भव्यता के साथ विद्यमान है, जो देशवासियों की अटूट श्रद्धा का प्रमाण है।
मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र साहू ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए सभी उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से दयानंद साहू, दिनेश सिन्हा, प्रदीप साहू, डोमन देवांगन, मालती भुसाखरे, पेमीन साहू, बीरबल भुसाखरे, मनोहर यादव, कमलेश धाकड़, हिंसा राम मंडावी, किशोर सिंघारे, किशोर साहू, पंडित हेमंत शर्मा सहित अनेक कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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