सेवानिवृत्त शिक्षकों और युवाओं ने संभाली कक्षाएं, विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित रखने समाज आया आगे
कुसुमकसा। संविदा शिक्षकों की हड़ताल के चलते शासकीय स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, कुसुमकसा में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका के बीच क्षेत्र के जनप्रतिनिधि संजय बैस ने समाज के सहयोग से एक प्रेरणादायी पहल की। उन्होंने सेवानिवृत्त शिक्षकों, समाजसेवियों और शिक्षित युवाओं से अपील की कि किसी भी परिस्थिति में बच्चों की शिक्षा बाधित नहीं होनी चाहिए। उनके आह्वान पर बड़ी संख्या में लोग विद्यालय पहुंचे और कक्षाओं का संचालन कर विद्यार्थियों की पढ़ाई निरंतर जारी रखी।
कक्षा पहली से ग्यारहवीं तक हुई नियमित पढ़ाई
सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं स्वयंसेवकों ने कक्षा पहली से लेकर ग्यारहवीं तक के विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों का अध्यापन कराया। पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को अनुशासन, व्यक्तित्व विकास, अध्ययन की सही पद्धति और जीवन में सफलता के महत्वपूर्ण सूत्र भी बताए गए। पूरे दिन विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण सामान्य बना रहा और विद्यार्थियों की पढ़ाई बिना किसी व्यवधान के जारी रही।
सेवानिवृत्त शिक्षकों ने निभाई सामाजिक जिम्मेदारी

सेवानिवृत्त शिक्षक रूपनारायण सिन्हा ने कहा कि वर्षों बाद पुनः कक्षा में पढ़ाने का अवसर मिलना उनके लिए भावुक क्षण रहा। उन्होंने कहा कि संजय बैस के सम्मानपूर्वक आमंत्रण पर शिक्षा सेवा का अवसर मिलना गर्व की बात है और भविष्य में भी आवश्यकता पड़ने पर वे हमेशा सहयोग के लिए तैयार रहेंगे।
समाज के विभिन्न वर्गों ने दिया सहयोग
इस अवसर पर मोहन दास मानिकपुरी, डॉ. नसीम खान, पर्यावरण जिला संयोजक कमलकांत साहू, ग्राम पंचायत पंच पंकज जेठवानी, मोती कुचेरिया, हितेश गुप्ता, महेंद्र सुथार, भूजल सिन्हा, पूरन चुरेंद्र सहित अनेक समाजसेवियों और युवाओं ने भी अलग-अलग कक्षाओं में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया और शिक्षा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बच्चों के साथ किया मध्याह्न भोजन
कार्यक्रम के समापन पर संजय बैस ने विद्यार्थियों के साथ बैठकर मध्याह्न भोजन किया तथा भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों का स्वादिष्ट एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि “शिक्षा किसी भी परिस्थिति में रुकनी नहीं चाहिए। समाज यदि आगे आए तो हर चुनौती का समाधान संभव है। बच्चों का भविष्य हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।”
क्षेत्र में हो रही पहल की सराहना
संजय बैस ने इस जनसहयोग के लिए सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों, युवाओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। क्षेत्रवासियों ने उनकी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल एक दिन की व्यवस्था नहीं, बल्कि समाज की सहभागिता से शिक्षा के प्रति जिम्मेदारी निभाने का प्रेरणादायक उदाहरण है।











