कांग्रेस का 141वां स्थापना दिवस; वरिष्ठों का सम्मान और इतिहास पर हुई परिचर्चा



बालोद | 28 दिसंबर को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 141वें स्थापना दिवस के अवसर पर बालोद जिला मुख्यालय में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा विभिन्न विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। उत्सव की शुरुआत सर्वप्रथम जिला कांग्रेस कार्यालय ‘राजीव भवन’ में ध्वजारोहण के साथ हुई, जिसके पश्चात ‘इंदिरा हॉल’ में कांग्रेस के गौरवशाली इतिहास पर एक विशेष संगोष्ठी एवं परिचर्चा आयोजित की गई।

इतिहास पर मंथन: 1885 से आजादी तक का सफर

इंदिरा हॉल में आयोजित संगोष्ठी में मुख्य वक्ताओं ने कांग्रेस की स्थापना से लेकर स्वतंत्रता प्राप्ति तक के संघर्षों पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने बताया कि किस प्रकार 28 दिसंबर 1885 को जन्मी इस संस्था ने 15 अगस्त 1947 तक देश को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने के लिए जन-आंदोलन का नेतृत्व किया। संगोष्ठी के प्रमुख वक्ता जिलाध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी, विकास चोपड़ा, कृष्णा दूबे, रत्तीराम कोसमा, संजय चंद्राकर, हरीश चंद्राकर, क्रांति भूषण साहू, प्रशांत वोकड़े और दिनाराम चेलक ने कांग्रेस के विभिन्न अधिवेशनों, ऐतिहासिक निर्णयों और महापुरुषों के बलिदान के बारे में उपस्थित कार्यकर्ताओं को विस्तार से जानकारी दी। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस का इतिहास त्याग और सेवा का इतिहास है।

बुजुर्गों का सम्मान: घर जाकर लिया आशीर्वाद

संगोष्ठी के समापन के उपरांत, कांग्रेस के प्रति समर्पित भाव को जीवित रखते हुए, कार्यकर्ताओं ने एक अनूठी पहल की। सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता जिले के वरिष्ठ कांग्रेस जनों के निवास स्थान पहुंचे। वहां उन्होंने बुजुर्ग कार्यकर्ताओं का शॉल और श्रीफल से आत्मीय सम्मान किया और संगठन के प्रति उनकी निष्ठा के लिए आभार व्यक्त करते हुए उनका आशीर्वाद लिया।

कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थिति

इस अवसर पर मुख्य रूप से रामजी भाई पटेल, प्रेम चंद क्षीर सागर, ओमप्रकाश गजेंद्र, मिथलेश निरोटी, लता कोराम, यज्ञदेव पटेल, वैभव साहू, जितेंद्र यादव, राकेश ठाकुर, देवेंद्र साहू, पद्मिनी साहू, रवि जायसवाल, युवराज साहू, रेवा रावटे, समीर थ्रू, कुलदीप नौनारे और जीवन साहू सहित भारी संख्या में कांग्रेस जन उपस्थित रहे।

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