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टेक्नो फेस्ट बालोद में पर्यावरण संरक्षण पर आधारित विज्ञान नाटिका का प्रभावशाली मंचन – सेजेस खलारी

बालोद – जिला में आयोजित बालोद टेक्नो फेस्ट 2.0 का भव्य कार्यक्रम अंतर्गत पर्यावरण और विज्ञान चेतना को समर्पित एक सराहनीय प्रस्तुति देखने को मिली। इस अवसर पर सेजेस खलारी के बाल कलाकारों द्वारा विज्ञान नाटिका एक पेड़ माँ के नाम का भव्य मंचन किया गया। यह नाटक स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय आमापारा बालोद के सभागार मंच पर संपन्न हुआ। विज्ञान नाटिका में पर्यावरण के प्रमुख घटकों—हवा, पानी, बिजली, कोयला और पेड़ को आपस में संबद्ध करते हुए यह संदेश दिया गया कि प्रकृति के ये सभी तत्व मानव जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। नाटिका का विशेष आकर्षण छत्तीसगढ़ के हसदेव अरण्य जैसे घने जंगलों की हो रही उजाड़ पर केंद्रित प्रस्तुति रही, जिसमें जंगलों की कटाई से पर्यावरण, जल, वायु और मानव जीवन पर पड़ने वाले दुष्परिणामों को प्रभावी संवादों और दृश्यों के माध्यम से दर्शाया गया।
इस विज्ञान नाटिका को खलारी के प्रेरणा स्त्रोत प्राचार्य श्रीमती एस. जाॅनसन के के संरक्षण एवं राज्यपाल पुरस्कृत व्याख्याता श्री धर्मेंद्र कुमार श्रवण के कुशल दिशा-निर्देशन में तैयार किया गया। उनके मार्गदर्शन में बाल कलाकारों ने विषय की गंभीरता को सहज, भावनात्मक और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया, जिससे दर्शक गहराई से प्रभावित हुए।

खलारी के बाल कलाकारों द्वारा विशेष रूप से देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून 2025 को इस मिशन को सरोकार करने हेतु उनके आह्वान पर एक पेड़ माँ के नाम का संकल्प केवल पौधारोपण नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव है। जिस प्रकार माँ हमें जीवन, संस्कार और संरक्षण देती है, उसी प्रकार पेड़ धरती को जीवन, ऑक्सीजन और संतुलन प्रदान करते हैं। पर्यावरण संरक्षण ही आत्मनिर्भर भारत का सशक्त आधार है। स्वच्छ हवा, निर्मल जल, हरित ऊर्जा और सुरक्षित प्राकृतिक संसाधन के बिना आत्मनिर्भरता की कल्पना अधूरी है। जब हर नागरिक अपनी माँ के नाम एक पेड़ लगाएगा और उसका संरक्षण करेगा, तब भारत न केवल पर्यावरणीय रूप से सशक्त बनेगा, बल्कि आर्थिक और सामाजिक रूप से भी आत्मनिर्भर होगा। उक्त नाटक यह संदेश देता है कि पर्यावरण की रक्षा, राष्ट्र की प्रगति और आत्मनिर्भर भारत का सपना—तीनों एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। आइए, हम सब मानव संकल्प लें कि हम एक पेड़ माँ के नाम लगाकर धरती को हरित, स्वच्छ और समृद्ध बनाएँगे, और विकसित व आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे।
कार्यक्रम में जिला कलेक्टर महोदया सुश्री उमेश दिव्या मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती मधुलिका तिवारी, जिले के सभी विकासखंडों के विकासखंड शिक्षा अधिकारी तथा शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी एवं अतिथियों ने बाल कलाकारों की प्रस्तुति की प्रशंसा करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए बधाइयाँ एवं शुभकामनाएँ दीं। टेक्नो फेस्ट जैसे विज्ञान प्रौद्योगिकी आधारित मंच पर इस नाटिका का सफल आयोजन यह दर्शाता है कि विज्ञान, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सरोकार एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। सेजेस खलारी के विद्यार्थियों की यह प्रस्तुति न केवल मनोरंजनपूर्ण रही, बल्कि समाज को पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश देने में भी सफल रही। मार्गदर्शक शिक्षक धर्मेंद्र कुमार श्रवण एवं 8 बाल कलाकार कक्षा दसवीं के छात्रा तुलसी खरें, दामिनी निषाद, कक्षा नौवीं से छात्रा कल्पना, ओजस्वी, जीया, जी प्रिया, कासिनी एवं हिमांशी सहित सभी बच्चों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस सफल कार्यक्रम पर खलारी के समस्त शिक्षकों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए शुभकामनाएंँ संप्रेषित किये हैं।

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