DAILY BALOD NEWS

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कलेक्टर के सामने चिखलाकसा में धान बोरों में मिला अधिक धान, समिति प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश

बालोद। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने शुक्रवार को डौण्डीलोहरा विकासखण्ड के धान खरीदी केन्द्र गैंजी एवं डौण्डी विकासखण्ड के चिखलाकसा, कोटागांव, भर्रीटोला एवं घोटिया धान खरीदी केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण कर संपूर्ण व्यवस्थाओं की गहन पड़ताल की। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सभी धान खरीदी केन्द्रों में दस्तावेजों का अवलोकन कर अब तक खरीदी गए कुल धान की मात्रा, ग्रामवार धान की औसत पैदावार, रकबा समर्पण की स्थिति आदि का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने नियमानुसार वास्तविक किसानों के वास्तविक धान की शत प्रतिशत खरीदी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में कोचियों, व्यापारियों आदि से अवैध धान की खरीदी न की जाए। उन्होंने अधिकारी-कर्मचारियों को इसके लिए पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने डौण्डी विकासखण्ड के धान खरीदी केन्द्र चिखलाकसा के निरीक्षण के दौरान खरीदी गए धान बोरों की तौल भी करवाया। मौके पर तौल कराए गए सभी 04 बोरों में धान की निर्धारित मात्रा 40 किलो 680 ग्राम से अधिक लगभग 41 किलो ग्राम धान पाए जाने पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। इसके लिए उन्होंने मौके पर उपस्थित समिति प्रबंधक एवं कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए समिति प्रबंधक श्री भगवान सिंह ठाकुर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम श्री शिवनाथ बघेल, डिप्टी कलेक्टर श्री आशीष पेंद्रो, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री आरपी राठिया, जिला खाद्य अधिकारी श्री तुलसीराम ठाकुर सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने धान खरीदी केन्द्र गैंजी के निरीक्षण के दौरान धान खरीदी केन्द्र में अब तक रकबा समर्पण कराए गए कुल कृषकों की संख्या तथा एक टोकन वाले किसानों के अलावा 02 एकड़ से अधिक एवं 10 एकड़ से अधिक वाले कुल किसानों की संख्या के संबंध में भी जानकारी ली। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने अपने धान की बिक्री कराने पहुँचे किसान श्री दीपक यामले से बातचीत कर उन्हें आज धान की बिक्री करने के पश्चात् शेष रकबे का समर्पण करने की समझाईश दी। किसान श्री यामले द्वारा आज बिक्री हेतु लाए गए धान के अलावा उनके घर में रखे गए लगभग 130 क्विंटल धान की बिक्री भी किसी अन्य दिवस पर करने की जानकारी दी गई। इस पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने अधिकारियों को ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारी एवं अन्य अधिकारियों की टीम किसान के घर भेजकर भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए। जिससे कि किसी भी प्रकार की अवैध धान की खरीदी बिक्री न हो सके।

श्रीमती मिश्रा ने किसानों द्वारा पहले टोकन में धान बिक्री के पश्चात दूसरे टोकन कटाए जाने पर सत्यापन के उपरांत ही इन कृषकों के धान की खरीदी करने के निर्देश दिए। उन्होंने मौके पर उपस्थित डिप्टी कलेक्टर श्री आशीष पेंद्रो को प्रतिदिन इसका रिपोर्ट इसका रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने धान खरीदी केन्द्रों में किसानों द्वारा बिक्री हेतु लाए गए धान का भी अवलोकन किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों को नमी मापक यंत्र के माध्यम से बिक्री हेतु लाए गए धान की नमी जाँच करने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने किसानों को धान खरीदी केन्द्र में केवल साफ-सुथरे एवं गुणवत्तायुक्त धान ही बिक्री हेतु लाने की समझाईश दी। इस दौरान श्रीमती मिश्रा ने धान खरीदी केन्द्र चिखलाकसा में पहुँचकर नोडल अधिकारी, समिति प्रबंधक एवं निगरानी समिति के सदस्यों से धान खरीदी केन्द्रों के व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। इस मौके पर उन्होंने रकबा समर्पण पंजी का अवलोकन कर अब तक रकबा समर्पण कराए गए कुल किसानों की संख्या के संबंध में जानकारी ली। श्रीमती मिश्रा ने नोडल अधिकारी एवं निगरानी समिति के सदस्यों को प्रतिदिन सुबह अनिवार्य रूप से धान खरीदी केन्द्र में पहुँचकर धान खरीदी कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने के निर्देश दिए। उन्होेंने अधिकारी-कर्मचारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि डबल टोकन काटे जाने की स्थिति में रकबा सत्यापन के उपरांत ही संबंधित कृषक का धान की खरीदी कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने धान खरीदी केेन्द्रों में अब तक धान बिक्री करने वाले किसानों की कुल संख्या एवं खरीदी की कुल मात्रा के संबंध में भी जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने पिछले वर्ष की औसत धान खरीदी की मात्रा आदि के संबंध में भी जानकारी ली। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने मौके पर उपस्थित किसानों से बातचीत कर धान खरीदी केन्द्रों के व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने किसानों को धान की बिक्री के उपरांत शेष रकबे का अनिवार्य रूप से समर्पण करने की समझाईश दी। इस मौके पर धान बिक्री के उपरांत अनेक किसानों का शेष रकबे का समर्पण भी कराया गया।

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