बालोद– सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के परिपालन में बालोद जिला प्रशासन द्वारा जिले में आवारा कुत्तों की कटाने की घटना रोकथाम हेतु समुचित उपाय करने के अलावा जन सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं आवारा कुत्तों के प्रबंधन की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा शहरी क्षेत्रों में स्टेडियम, मिनी स्टेडियम, खेल परिसर, बस स्टैण्ड, बस डिपो, रेलवे स्टेशन आदि स्थानों का चिन्हांकन कर लिया गया है। पंचायत विभाग के उप संचालक काव्या जैन ने बताया कि प्रत्येक चिन्हांकित परिसरों के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई है। जिसका विवरण उक्त चिन्हांकित परिसरों के प्रवेश द्वार पर चस्पा किया गया है। साथ ही चिन्हांकित स्थलों में कम से कम तीन माह में एक बार निरीक्षण करने के लिए निरीक्षण कर्ता अधिकारियों की नियुक्ति की भी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि जनपद स्तर पर नोडल अधिकारियों के कार्य, दायित्व तथा निरीक्षण कर्ता अधिकारियों के कर्तव्य के संबंध में समय-समय पर प्रशिक्षण के माध्यम से आवश्यक जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा जिले के चिन्हांकित संस्थानों के प्रशासनिक प्रमुखों द्वारा आवारा कुत्तों के गेट पर प्रवेश को रोकने के लिए संबंधित पंचायत के माध्यम से परिसर में फेंसिंग, बाउंड्रीवाल, गेट एवं अन्य अधोसंरचनाओं से सुरक्षित किए जाने किए जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। इसके साथ ही शासन द्वारा इस संबंध में आवश्यक मदद उपलब्ध कराने हेतु हेल्पलाईन नंबर 1100 भी जारी किया गया है। जिसके माध्यम से आम नागरिकगण सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों के संबंध में समस्याओं की जानकारी दे सकते हैं।
