बालोद। वनांचल ग्राम मंगचूवा स्थित शहीद गैंदसिंह महाविद्यालय में भारत सरकार नई दिल्ली के निर्देशानुसार धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वी जयंती के उपलक्ष में जनजातीय गौरव दिवस मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय हल्वा समाज महासभा के अध्यक्ष डॉक्टर देवेंद्र माहला थे। विशेष अतिथि महामंत्री गिरवर सिंह ठाकुर, जनभागीदारी अध्यक्ष पूनम चंद जैन थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ, अमृता एस कस्तूरे ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में बालोद सिटी प्रेस क्लब अध्यक्ष टीकम पिपरिया, उपाध्यक्ष मोइनखान, मीडिया प्रभारी बोधन भट्ट, मनीष साहू, नेमन साहू थे। अतिथियों ने माता सरस्वती व भगवान बिरसा मुंडा के तेल चित्र पर माल्यार्पण कर पूजा अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। आयोजन को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि देवेंद्र माहला ने बिरसा मुंडा के जीवन चरित्र का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि किस तरह से बहुत ही कम उम्र में आदिवासी समाज का नेतृत्व करते हुए बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी। वे कई अस्त्र शस्त्र चलाने में निपुण थे। इसलिए उन्हें भगवान भी कहा जाता है। समाज उन्हें के मार्गदर्शन पर आज आगे बढ़ रहा है।

माहला ने आगे बताया कि आदिवासी समाज अपनी संस्कृति और परंपरा को बचाए रखने के लिए लगातार प्रयासरत है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गिरवर ठाकुर ने कहा कि हम सब को एक होकर आगे बढ़ना होगा तभी आदिवासी समाज सुरक्षित और संवर्धित होगा। उन्होंने शहीद गैंद सिंह के बारे में भी बच्चों को अवगत कराया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिटी प्रेस क्लब अध्यक्ष टीकम पिपरिया ने कहा कि आदिवासी समाज देश का गौरव है, हमेशा से आदिवासी समाज उपेक्षित रहा है लेकिन अब वक्त बदल गया है। और बहुत तेजी के साथ यह समाज विकसित कर रहा है। प्राचार्य डॉक्टर कस्तूरे ने कॉलेज की गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि यह कॉलेज शहीद गैंद सिंह नायक के नाम पर है और हमारा पूरा कॉलेज उन्हें अपना नायक मानता है। आदिवासी संस्कृति के अलावा देश की संस्कृति एवं परंपरा को बच्चों तक पहुंचाने का काम यह कॉलेज लगातार प्रयास कर रहा है।

