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SIR की खामियों में सुधार हेतु आम आदमी पार्टी ने सौंपा ज्ञापन

बालोद (छत्तीसगढ़) – आम आदमी पार्टी ने SIR की खामियों में सुधार लाने आवाज बुलंद करते हुए जिला कलेक्टर/ जिला निर्वाचन के नाम अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने बालक साहू जिलाध्यक्ष, कैलाश बंजारे जिला महासचिव, मधुसूदन साहू पूर्व जिलाध्यक्ष, रितेश बिजेकर यूथ विंग जिलाध्यक्ष एवम अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे। आम आदमी पार्टी जिला अध्यक्ष बालक साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान जमीनी स्तर पर लोगों को परेशानी हो रही है व प्रक्रिया में भारी अनियमितता दिखाई दे रही है। आम आदमी पार्टी का मानना है कि वर्तमान समय सीमा अव्यावहारिक है और दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में BLO द्वारा गणना प्रपत्रों का वितरण अभी भी अत्यंत धीमा है। BLOs को पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं मिला है, दिशा-निर्देश स्पष्ट नहीं हैं, और कई स्थानों पर अनावश्यक दस्तावेज़ माँगे जा रहे हैं, जिससे नागरिकों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने यह चिंता भी जताई कि बस्तर संभाग के 3,128 शिक्षकों को SIR ड्यूटी में लगाए जाने से बच्चों की पढ़ाई और परीक्षाओं पर गंभीर असर पड़ रहा है। इसके अलावा धान कटाई के चरम समय में यह प्रक्रिया चलने से ग्रामीणों और किसानों के लिए इसमें भाग लेना बेहद कठिन हो रहा है। आम आदमी पार्टी जिला महासचिव कैलाश बंजारे ने पार्टी की ओर से मांग रखते हुए कहा की राज्य निर्वाचन आयोग से मांग है कि आधार कार्ड स्वीकार करने में BLOs की उलझन, महिलाओं और आदिवासी समुदाय के सीमित दस्तावेज़, 2003 की non-searchable मतदाता सूची के कारण नाम ढूँढने में आ रही मुश्किलें, SIR की समयसीमा बढ़ाने, दस्तावेज़ों की सूची व्यापक करने, स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करने, searchable PDF उपलब्ध कराने और BLO द्वारा नि:शुल्क फोटो लिया जाये। आम आदमी पार्टी की बात को रखते हुए मधुसूदन साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के हर नागरिक के मताधिकार की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करते रहेंगे और हम किसी भी व्यक्ति को लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित नहीं होने देंगे। सरकार ने पूरे सिस्टम को उथल पुथल करके रख दिया है,रोजी रोटी और किसानी कार्य के समय में सरकार खुद जनता के पैसों से मलाई खाते हुए कुर्सी पर बैठी है और हमारे शिक्षकों को स्कूल में रखना छोड़ दूसरे कार्य सौंप रही है,शिक्षकों के शाला में न होने से बच्चों का भविष्य उनकी शिक्षा खतरे में है,और इस बात पर डबल इंजन की सरकार क्यों मौन है। सरकार ने गरीब किसान,शिक्षक,विद्यार्थी सभी की मुश्किलें बढ़ने में लगी हुई है,शिक्षा स्वास्थ बिजली पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए कोई बेहतर प्रयास तक नहीं कर पा रही।

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