महिलाओं के अधिकारों से सम्बन्धित कानूनी प्रावधान” विषयक व्याख्यान का हुआ सफल आयोजन



बालोद – भक्त माता कर्मा शासकीय कन्या महाविद्यालय, बालोद में प्रभारी प्राचार्य सुश्री कलेंद्री रावटे के मार्गदर्शन में “महिलाओं के अधिकारों से सम्बन्धित कानूनी प्रावधान” विषय पर एक महत्त्वपूर्ण शैक्षणिक एवं जागरूकता व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शासकीय घनश्याम सिंह गुप्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय बालोद के विधि विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राघवेश पांडेय मुख्य वक्ता तथा डॉ. स्वाति वैष्णव सहायक प्राध्यापक विधि विशेष वक्ता के रूप में उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने विचारों से विद्यार्थियों को व्यापक ज्ञान प्रदान किया।

मुख्य वक्ता डॉ. राघवेश पांडेय ने अपने प्रेरक वक्तव्य में बताया कि महिलाओं की सुरक्षा केवल कानूनों का विषय नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। वक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि मौलिक अधिकारों के साथ-साथ मौलिक कर्तव्य भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। इसके बाद वक्ता ने मानव अधिकारों की भूमिका को समझाते हुए बताया कि महिला सुरक्षा, शिक्षा का अधिकार, समान अवसर, गरिमापूर्ण जीवन, भेदभाव-मुक्त समाज—ये सभी सार्वभौमिक मानव अधिकारों का हिस्सा हैं, और इनका संरक्षण हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कॉलेज स्तर पर ऐसे कार्यक्रम युवाओं में सही दृष्टिकोण, संवेदनशीलता और कानूनी समझ विकसित करने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने यह भी कहा कि “कानूनी जागरूकता ही महिलाओं को वास्तविक सुरक्षा प्रदान कर सकती है। कानून तभी प्रभावी होंगे जब विद्यार्थी और युवा पीढ़ी इन अधिकारों को समझकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयत्न करेगी।”


विशेष वक्ता डॉ. स्वाति वैष्णव ने अपने संबोधन में महिलाओं को प्राप्त संवैधानिक अधिकारों पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), अनुच्छेद 15(3) (महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान), अनुच्छेद 39(d) (समान वेतन) एवं अनुच्छेद 42 (मातृत्व संरक्षण) की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही उन्होंने दहेज निषेध अधिनियम, घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, POCSO अधिनियम, POSH अधिनियम और समान वेतन अधिनियम जैसे महत्वपूर्ण कानूनों के प्रावधान समझाए। उन्होंने यह भी बताया कि बताया कि 2005 के संशोधन और सर्वोच्च न्यायालय के नवीनतम निर्णयों के अनुसार बेटी भी अब पुत्र की तरह जन्म से ही पैतृक संपत्ति की समान सह–उत्तराधिकारी है। कार्यक्रम का संचालन प्रो. संतोष राना के द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने कई प्रश्न पूछे, जिनका समाधान मुख्य एवं विशेष वक्ताओं ने अत्यंत सरल, सहज और व्यावहारिक रूप में प्रस्तुत किया।

कॉलेज परिसर में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम समय की आवश्यकता हैं, क्योंकि युवा पीढ़ी ही कल के समाज का निर्माण करती है। यह कार्यक्रम निश्चित रूप से विद्यार्थियों में कानूनी जागरूकता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. श्रेष्ठा शुक्ला द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने मुख्य अतिथियों, प्राचार्य, विभागाध्यक्ष, शिक्षकों तथा सभी विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम में प्रो. तरुण कुमार, डॉ. दीवाली, डॉ. अमित सिंह, श्री विनोद कुमार, सुश्री जिज्ञासा पटेल, सुश्री वर्षा साहू, श्रीमती त्रिवेणी सेन, श्री रूपेंद्र ठाकुर, श्री राजेश कलिहारी एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं । उपरोक्त जानकारी महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी प्रो. धीवराज भोयर ने दिया।

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