बालोद। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने श्रम सुधारों पर अब तक का सबसे बड़ा दांव चला दिया है, श्रम से जुड़े 29 कानूनों को खत्म कर दिया है, उसके बदले 21 नवंबर से देश में 4 चार नए कानून लागू हो गए है। बता दे कि, देश की आधी से ज्यादा वर्कफोर्स को पहली बार सुरक्षा के दायरे में लाया गया है।
दी बधाई, जताया मोदी का आभार;
राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित के उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा ने शुक्रवार को पूरे देश के श्रमिकों को नए श्रम संहिताओं के देशभर में लागू होने पर बधाई दी है। इसके लिए उन्होंने ने प्रधानमंत्री मोदी एवं श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया का आभार जताया है।
वर्कफोर्स की भलाई के लिए एक बड़ा कदम;
यज्ञदत्त शर्मा ने कहा कि ये रिफॉर्म्स सिर्फ आम बदलाव नहीं हैं, बल्कि वर्कफोर्स की भलाई के लिए पीएम नरेन्द्र मोदी का उठाया गया एक बड़ा कदम है।
जॉइनिंग के वक्त देना होगा अप्वाइंटमेंट;
यज्ञदत्त शर्मा ने बताया कि, सबसे बड़ा बदलाव ‘नियुक्ति पत्र’ को लेकर है। अब हर कर्मचारी को जॉइनिंग के वक्त अप्वाइंटमेंट लेटर देना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे पारदर्शिता आएगी और कंपनियों की मनमानी पर रोक लगेगी।
पीएफ, ईएसआईसी और पेंशन जैसी मिलेगी सुविधाएं;
इसके अलावा, असंगठित क्षेत्र के करीब 40 करोड़ कामगारों को अब सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया गया है। इसका सीधा मतलब है कि उन्हें भी पीएफ (PF), ईएसआईसी (ESIC) और पेंशन जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी।
ओवरटाइम में वेतन से दोगुना भुगतान;
उन्होंने बताया कि, ओवरटाइम को लेकर भी स्थिति पूरी तरह साफ कर दी गई है. अगर कोई कर्मचारी तय घंटों से ज्यादा काम करता है, तो उसे सामान्य वेतन से दोगुना भुगतान करना होगा।
श्रमिको के सेहत को दी गई प्राथमिकता;
काम के साथ-साथ सेहत को भी प्राथमिकता दी गई है. नए नियमों के अनुसार, नियोक्ताओं को अपने उन सभी कर्मचारियों का साल में एक बार मुफ्त हेल्थ चेकअप कराना होगा, जिनकी उम्र 40 वर्ष से अधिक है।
