गैर मान्यता प्राप्त चिकित्सक आरोपी का जमानत याचिका निरस्त



बालोद । ताजुद्दीन आसिफ, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) बालोद (छ.ग.) के द्वारा अभियुक्त रेखराम साहू उम्र 54 वर्ष, निवासी-कांदुल, थाना-अर्जुन्दा, जिला-बालोद (छ.ग.) का जमानत निरस्त कर दिया है। अभियोजन की ओर से प्रकरण की पैरवी सनद कुमार श्रीवास्तव, अतिरिक्त लोक अभियोजक के द्वारा किया गया, जिसके अनुसार मृतक सुभाष कुमार के पिता ने दिनांक 29-06-2025 को इस आशय की लिखित शिकायत पेश की, कि उसका पुत्र सुभाष कुमार विगत 15 वर्षों से बवासीर की बीमारी से ग्रसित था तथा दिनांक 08-05-2025 को अभियुक्त द्वारा गलत ईलाज करने के कारण उसकी मृत्यु हो गई थी। प्रकरण में दिनांक 08-05-2025 को मृतक सुभाष कुमार जनबंधु ग्राम कांदुल में बवासीर के ईलाज हेतु अभियुक्त के क्लिनिक में आया था, जहां अभियुक्त द्वारा उसे कुल 09 इंजेक्शन लगाया गया। दिनांक 09-05-2025 को मृतक के गुदाद्वार से अत्यधिक रक्त स्त्राव होने और पेट फूलने से उसे ईलाज हेतु शासकीय अस्पताल अम्बागढ़ चौकी ले जाया गया, जहां से जिला अस्पताल राजनांदगांव रिफर किया गया। तदोपरांत जिला अस्पताल राजनांदगांव रिफर किये जाने पर उसे शंकराचार्य अस्पताल जुनवानी भिलाई में भर्ती कराया गया, जहां दिनांक 11-05-2025 को सुभाष कुमार जनबंधु की मृत्यु हो गयी। तत्संबंध में मृतक के पिता ने पुलिस अधिकारियों को शिकायत की। उक्त शिकायत के आधार पर थाना-अर्जुन्दा ने अभियुक्त के विरूद्ध 105 भा.न्याय संहिता धारा-12 छ.ग. राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबधी स्थापनायें अनुज्ञापन अधिनियम 2010 एवं धारा 23 छ.ग. आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम 1987 के अंतर्गत अपराध दर्ज किया। प्रकरण में अभियुक्त द्वारा बिनाकिसी अधिकारिता और अनुज्ञा के बवासीर जैसी बीमारी का ईलाज किया गया है. जिसका परिणाम सुभाष कुमार जनबंधु की मृत्यु हो गयी है। छत्तीसगढ़ जैसे ग्रामीण परिवेश वाले राज्य में ऐसे झोलाछाप चिकित्सकों की संख्या काफी है समाज में इस तरह की प्रवृत्ति पर विराम लगाना आवश्यक है लोगों में ऐसे कथित चिकित्सक के प्रति कार्यवाही हेतु जागरूकता उत्पन्न करना जरूरी है। अतः उक्त समस्त परिस्थितियों पर विचारोपरांत रेखराम साहू का आवेदन माननीय न्यायालय द्वारा निरस्त किया गया।

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