स्वामी आत्मानंद विद्यालय के मॉडल राष्ट्रीय स्तर पर चयनित



बालोद। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय, बालोद के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने राज्य स्तरीय पश्चिमी भारत विज्ञान मेला, जशपुर में अपने नवाचार आधारित प्रोजेक्टों के माध्यम से विद्यालय एवं जिले का नाम गौरवान्वित किया है। विद्यालय के तीन प्रोजेक्ट इस आयोजन में प्रदर्शित हुए, जिनमें से एक प्रोजेक्ट का चयन राष्ट्रीय स्तर हेतु किया गया है। विद्यालय के छात्र निखिल साहू का प्रोजेक्ट उभरती हुई प्रौद्योगिकी विषय पर आधारित था, जिसमें लाइट के माध्यम से टेक्स्ट मैसेज भेजने का अभिनव मॉडल प्रस्तुत किया गया। इस उत्कृष्ट नवाचार को निर्णायकों द्वारा सराहा गया और इसे राष्ट्रीय स्तर हेतु चयनित किया गया है। यह संपूर्ण जिले के लिए गर्व का विषय है।
इसके साथ ही छात्रा मुस्कान साहू का प्रोजेक्ट अपशिष्ट प्रबंधन थीम पर राज्यस्तर पर प्रदर्शित हुआ। उन्होंने ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया जो प्लास्टिक जैसे अपशिष्ट को रीसाइकल कर बिजली में परिवर्तित करता है। यह मॉडल पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा उत्पादन की दिशा में प्रेरणादायक कदम है। इसी प्रकार छात्र लोकेंद्र साहू का विज्ञान क्लब – “एस्ट्रोबोट” भी जशपुर में प्रस्तुत किया गया। यह क्लब विद्यार्थियों द्वारा स्कूल में संचालित विज्ञान गतिविधियों पर आधारित अंतरिक्ष संबंधी जानकारी शक्ति सेट मिशन के अंतर्गत स्पेस किड्स इंडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस संबंधी विशेष कक्षाओं का संचालन रोबोटिक्स और नवाचार के प्रति रुचि उत्पन्न करने हेतु विभिन्न गतिविधियाँ संचालित करता है, जिनमें वैज्ञानिक जानकारियों का संग्रह, नवाचार आधारित कार्य एवं तकनीकी गतिविधियाँ शामिल हैं।
विद्यालय के प्राचार्य अरुण कुमार साहू ने कहा कि छात्रों को अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा प्रदर्शन करने का समुचित अवसर एवं प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए ताकि भविष्य में विज्ञान के क्षेत्र में नवाचार एवं उच्च तकनीक के प्रति रुचि विकसित किया जा सके। कार्यक्रम के नोडल एवं मार्गदर्शन शिक्षक पंकज कुमार सोनी ने भी विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए बताया कि नवाचार के क्षेत्र में यह उपलब्धि इस सत्र की दूसरी राष्ट्रीय उपलब्धि है, जो विद्यालय की निरंतर प्रगति का प्रमाण है। स्कूल स्टाफ के शिक्षक आरएस देशमुख , नीलम पांडे,वीरेंद्र देशलहरे, आरके सार्वा,नेम सिंह साहू ,कुमुदिनी साहू ने छात्रों की प्रतिभा की सराहना की।

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