बालोद/गुरुर । गुरुर ब्लॉक के सरपंच संघ के अध्यक्ष डाकेश साहू के नेतृत्व में सभी सरपंचों और पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से प्रभारी मंत्री जिला बालोद और उपमुख्यमंत्री, पंचायत मंत्री विजय शर्मा के नाम से ज्ञापन सौंपा है। गुरुर में एसडीएम कार्यालय पहुंचकर यह ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें उन्होंने विभिन्न मुद्दे और अपनी परेशानियों का जिक्र किया गया है। इस दौरान सरपंचों ने कहा कि सरकार की अनदेखी की वजह से हम डिफाल्टर घोषित हो रहे हैं। 9 महीने हो गए चुनाव जीते लेकिन 15वें वित्त का ₹1 हमें नहीं मिला है। जिससे हम कोई विकास कार्य गांव में नहीं करवा पा रहे हैं। अधिकारी द्वारा जिला पंचायत सीईओ से संबंधित पत्राचार कर हल निकालने की बात कही गई है।
डीएमएफ का पैसा भी पंचायत को दिया जाए : हेमलता साहू
हेमलता साहू सरपंच संघ के उपाध्यक्ष ने कहा कि सरपंच संघ द्वारा एसडीएम को ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन का प्रमुख विषय 15 वे वित्त का पैसा जो पंचायत में अभी तक उपलब्ध नहीं हो पाया जिस उपलब्ध कराने की मांग की गई। पैसा उपलब्ध न होने से बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। डीएमएफ की फंड केवल माइंस वालों को ही दिया जा रहा है। 60, 40 के अनुपात के तहत पहले जो मिल रहा था वह पंचायत में भी फंड मिलना चाहिए । कुछ भी फंड हमारे गुरुर ब्लॉक में आ नहीं रहा है। इसकी वजह से सभी 76 गांव के सरपंच बहुत परेशान है। जनता की कई इच्छा हमसे जुड़ी होती है। उन्हीं आश को पूरा कराने हमें पद पर बैठाया जाता है लेकिन हम पूरा नहीं कर पा रहे हैं। आशा है कि मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री हमारी समस्याओं को समझेंगे। सरपंच संघ के दुख दर्द को समझेंगे। इसलिए ज्ञापन देने के लिए आए हैं।
डिफाल्टर हो रहे हैं सरपंच, समान तक नहीं खरीद पा रहे
सरपंच संघ के अध्यक्ष डाकेश साहू ने कहा कि 15वे वित्त का पैसा पंचायत का बहुत अहम फंड होता है। उसके भरोसे पंचायत चलता है। लेकिन स्थिति ऐसी है कि 8 से 9 महीने हो गए हमें निर्वाचित हुए लेकिन ₹1 शासन से आया नहीं है। स्थिति यह है कि सरपंच डिफाल्टर घोषित हो रहें कहीं से कोई इमरजेंसी में काम करवा रहे है तो पेमेंट नहीं कर पा रहे हैं। पंचायत जो भारत देश की ग्राम व्यवस्था की रीढ़ है लेकिन शासन प्रशासन ध्यान नहीं दे रही। पंचायत की स्थिति भारी डगमगाई हुई है। हम वेंडर को पेमेंट नहीं कर पा रहे हैं। जिससे हम सामान भी नहीं खरीद पा रहे हैं।
यह है वह बिंदु जिन पर दिया गया ज्ञापन
- किसी भी मंद से स्वीकृति राशि का 100 प्रतिशत राशि कार्य आदेश के साथ जनपद में भुगतान हो ताकि कार्य पूर्णता मूल्यांकन सत्यापन के पश्चात् शीघ्र ही शेष राशि कार्य एजेन्सी को प्राप्त हो सके। ऐसे नहीं होने से कार्य पूर्ण होने के बाद भी सरपंच गण को 04 से 06 माह तक दफ्तर का चक्कर लगाना पडता है। और कर्ज बढ़ता रहता है।
- पंचों द्वारा लाए जाने वाला अविश्वास प्रस्ताव पर रोक या शिथिलता प्रदान की जाए। जनता चुनकर सरपंच बनाती है। तो इस संबंध में जनता को ही अधिकार होना चाहिए।
- जल जीवन मिशन पानी टंकी निर्माण व पाइप लाइन विस्तार को गुणवत्ता के साथ पूर्ण करना एवं जगह-जगह कार्यों में अनियमितता की जाँच कर अतिशीघ्र कार्य पूर्ण हेतु आदेशित किया जाए।
- शासन से प्राप्त होते ही 15 वें वित्त की राशि का तत्काल आबंटन हो, चूंकि 15 वें वित्त 2025-26 की राशि 08-09 माह बाद भी अब तक ग्राम पंचायतों में आबंटित नहीं होने के कारण वर्तमान में कोई कार्य प्रोसेस नहीं हैं। अतः तत्काल वित्त वर्ष की राशि प्रदान की जाए।
- निर्माण कार्यों की रुकी हुई दूसरी किस्त की राशि तत्काल आबंटित किया जाए।
- सभी पंचायतों में छोटे-छोटे सामाजिक भवन के स्थान पर 50 लाख से 1 करोड तक की लागत में सर्व सुविधा युक्त सार्वजनिक भवन निर्माण किया जाना चाहिए।
- सामाजिक सहायता योजनान्तर्गत पेंशन योजनाओं में बी.पी.एल सूची की बाध्यता को समाप्त करते हुए सभी वर्गों के 60 वर्षीय वृद्धों एवं 06 वर्ष से अधिक आयु के दिव्यांग जनों को पेंशन का लाभ मिले।
- 50 लाख तक कार्य एजेंसी पंचायतों को प्रदान किया जाए।
- सरपंच मानदेय वृद्धि करके 10 हजार रूपये किया जाए एवं पंचों को 1000 प्रतिमाह प्रदान किया जाए।
10.DMF राशि गुरुर ब्लॉक के अंतर्गत पूर्व की भांति सभी पंचायतों में दिया जाए ।
