रायपुर। छत्तीसगढ़ देश नियमित शिक्षक फेडरेशन ने आज एक आधिकारिक खंडन पत्र जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि हाल ही में फेडरेशन के नाम और लेटरहेड पर जारी किया गया एक पत्र पूरी तरह से अनधिकृत है। फेडरेशन ने बताया कि उक्त पत्र जारी करने से पूर्व न तो किसी राज्य स्तरीय और न ही संभागीय पदाधिकारी से अनुमति ली गई थी। साथ ही, संगठन के किसी भी स्तर पर उस पत्र का जावक क्रमांक अथवा कोई संबंधित दस्तावेज भी जारी नहीं किया गया।
फेडरेशन ने यह भी स्पष्ट किया कि —
1️⃣ विवादित पत्र संगठन के किसी आधिकारिक निर्णय या स्वीकृति के तहत जारी नहीं किया गया।
2️⃣ यह कार्यवाही पूर्णतः व्यक्तिगत स्तर पर की गई है, जिसका फेडरेशन से कोई संबंध नहीं है।
3️⃣ फेडरेशन ने इस घटना पर गंभीर आपत्ति और खेद व्यक्त किया है, क्योंकि इस प्रकार की कार्रवाई संगठन की छवि और विश्वसनीयता को नुकसान पहुँचाती है।
फेडरेशन ने सभी पदाधिकारियों और सदस्यों से आग्रह किया है कि वे केवल उन्हीं पत्रों या प्रेस विज्ञप्तियों पर भरोसा करें जो संगठन द्वारा औपचारिक रूप से अनुमोदित हों।
अंत में, संगठन ने यह चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि कोई व्यक्ति या समूह फेडरेशन के नाम, पदनाम या लेटरहेड का अनुचित उपयोग करेगा, तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह कदम संगठन की पारदर्शिता और अनुशासन को बनाए रखने की दिशा में एक आवश्यक कदम माना जा रहा है।
