छत्तीसगढ़ की संस्कृति को बढ़ावा देने का हुआ अनूठा प्रयास

बालोद । गुण्डरदेही ब्लॉक के ग्राम कलंगपुर में नव चेतना फाऊंडेशन नई दिशा एवं नहीं सोच के तत्वाधान एवं समस्त ग्राम वासियों, दानदाताओं और यादव समाज के सहयोग से विगत 8 साल की तरह इस साल भी मातर उत्सव को अलग अंदाज में मनाया गया। बेटियों को समर्पित इस उत्सव को 25 वा छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के उपलक्ष पर छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के रूप में रंगोली, चित्रकला के माध्यम से मनाया गया। इस दौरान बेटियों ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति को बढ़ावा देते छत्तीसगढ़ी वेशभूषा में आकर्षक नृत्य और झांकी की प्रस्तुति दी। आयोजन में 250 बेटियों की भागीदारी रही। इन बेटियों ने एक साथ गौठान में रंगोली के प्रतीकात्मक चित्र के चारों तरफ छत्तीसगढ़ की विधा एवं संस्कृति के अनुरूप सुआ ,कर्मा, ददरिया, पंथी, पंडवानी, राउत नाचा, गीत संगीत में भाग लेकर अपनी प्रतिभा पूर्ण प्रस्तुति दी इसमें आंगनवाड़ी में पढ़ने वाली 3 साल की बेटियों से लेकर कॉलेज में पढ़ाई कर रही 250 बेटियों ने भाग लिया। समाजसेवी दिलीप जैन, काजल जैन, समाजसेवी जसवंत सिन्हा निवासी चीचा, सतीश साहू, प्रताप चंद जैन, समाजसेवी किशन गजेंद्र निवासी रायपुर, सरपंच पुष्पा गोविंद सिन्हा, कीर्ति साहू, बिशनबाई मारकंडे, जितेंद्र जैन, अध्यक्ष विकास जैन एवं नव चेतना फाऊंडेशन नई दिशा नई सोच के समस्त पदाधिकारी व सदस्य गणों ने एक साथ गौठान में 1000 दीपक जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। समाज सेवी जसवंत सिन्हा ने आयोजन की प्रशंसा करते हुए आयोजन हेतु 11001 रुपए प्रदान करने की घोषणा के साथ आगामी वर्ष कार्यकर्ता के रूप में शामिल रहने की बात कही। समापन के अवसर पर रायपुर से पहुंचे समाज सेवी किशन गजेंद्र, जो कि शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र में सेवा प्रदान करते हैं, उन्होंने हाई स्कूल कलंगपुर में अध्यनरत कक्षा 9वी से कक्षा 12वीं तक की विद्यार्थियों को मेरिट श्रेणी में उत्तीर्ण होने पर प्रतिवर्ष छात्राओं को ₹1000 प्रदान करने की बात कही। साथ ही हाई स्कूल कलंगपुर में अध्ययन कक्षा 9वी से 12वीं तक के दो-दो विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष गोद लेने की बात कहते हुए आयोजन हेतु 5001 रुपए नगद प्रदान किया। कार्यक्रम का आभार आयोजन समिति के अध्यक्ष विकास जैन ने किया और कार्यक्रम की समापन घोषणा समिति के संचालक गोविंद सिन्हा ने किया।
हर साल अलग-अलग थीम पर होता आया है आयोजन

नव चेतना नई दिशा नई सोच के तत्वाधान में आयोजित मातर उत्सव की संरक्षक और सरपंच पुष्पा सिन्हा एवं अध्यक्ष विकास जैन ने बताया कि देश-विदेश के वर्तमान परिवेश के अनुसार प्रतिवर्ष अलग-अलग थीम पर रंगोली चित्रकला के माध्यम से लोगों को जागरूकता का संदेश देने एवं बेटियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के लिए इस तरह का आयोजन किया जाता है। जैसे विगत 8 वर्षों से हम अलग-अलग थीम पर आयोजन करते आ रहे हैं । जिसमें छत्तीसगढ़ महतारी वंदन योजना, गोधन न्याय योजना, 75वीं आजादी की अमृत महोत्सव , कोरोना का प्रतीकात्मक चित्र बनाकर दीप प्रज्वलन जैसे विभिन्न थीम पर मातर का पर्व मनाते हैं। गौठान पर प्रतीकात्मक व संदेशात्मक रंगोली को बनाने में गांव की बेटी मोनिका साहू, मनीषा साहू, उनके पिता हरिलाल साहू प्रतिवर्ष मेहनत करते हैं। यह पूरा आयोजन बेटियों को समर्पित रहता है। ज्ञात हो कि पूर्व सरपंच आयोजन समिति के संचालक गोविंद सिन्हा एवं सरपंच पुष्पा सिन्हा ने विगत 8 वर्षों से मातर उत्सव को नए कलेवर के साथ मनाने का सफलता पूर्ण प्रयास किया है।
बेटियों को बढ़ावा देने की पहल, रामलीला भी करती हैं

बेटियों के प्रतिभा व उत्साह के लिए समर्पित पुष्पा सिन्हा एवं पूर्व सरपंच गोविंद सिन्हा ने गौठान में बेटियों को छत्तीसगढ़ संस्कृति पर आधारित नृत्य के साथ 2 वर्ष पूर्व पुरानी परंपरा को नया रूप देते हुए विजयादशमी पर बेटियों के सम्मान में एवं उनके प्रतिभा को मंच देने के उद्देश्य से विजयदशमी रामलीला का मंचन बेटियों द्वारा सर्वप्रथम करवा कर ऐतिहासिक शुरुआत की गई जो कि आज गांव की परंपरा बन चुकी है। इस वर्ष भी बेटियों द्वारा रामलीला का मंचन किया गया।
