बालोद/ गुरुर । अपनी तीन मांग को लेकर जिले भर के ड्राइवर “जय सारथी, जय भारती” के नारे के साथ आंदोलन कर रहे हैं। बीते दिनों से जारी इनके आंदोलन से अब यातायात से जुड़ी जरूरी सेवा बाधित होने लगी है, वहीं बाहर से सप्लाई बंद होने से जरूरी सामानों, सब्जी आदि के दाम में अचानक वृद्धि होने से लोगों को महंगाई का भी सामना करना पड़ सकता है, इसी क्रम में गुरुर ब्लॉक के पुरूर में छत्तीसगढ़ ड्राइवर संगठन के द्वारा अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया गया है। जिसके तहत बालोद और धमतरी जिले के ड्राइवर पुरूर में इकट्ठा हुए और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान सड़क पर गुजर रहे अन्य माल वाहक वाहनों को भी रुकवाया गया और उनके ड्राइवर को आंदोलन का समर्थन की अपील की गई। मामले की जानकारी मिलने पर आसपास के थाना प्रभारी सहित एसडीओपी और अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और ड्राइवर को समझाने का सिलसिला शुरू हुआ । ड्राइवर अपनी मांगों को लेकर मुखर थे। तहसीलदार हनुमत श्याम सहित अन्य अधिकारी समझाते रहे कि आपकी मांगों को शासन प्रशासन तक पहुंचाया जाएगा। इस पर ड्राइवर संघ के लोगों का कहना था कि जब भी बैठक होती है सरकार के साथ तो ट्रांसपोर्टर संघ के अध्यक्ष को बुलाकर बैठक की जाती है। ड्राइवर संगठन को वहां पर कभी भी बैठाया नहीं जाता है। ऐसे में पारदर्शिता नहीं रहती है। हम अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे। प्रमुख रूप से ड्राइवर संघ शासन द्वारा तय मानदेय देने की मांग कर रहे है। ड्राइवर ने अपनी आवाज बुलंद करते हुए कहा कि हम 24 घंटे काम करते हैं। जबकि सरकार का नियम 8 घंटे का है। फिर भी हमें मात्र ₹9000 वेतन मिलता है। हम चलाते भले माल वाहक वाहन ट्रक आदि है। पर घर जाते अपनी साइकिल से। 1 सितंबर को ड्राइवर दिवस घोषित कर अवकाश घोषित करने की मांग की जा रही है। साथ ही सरकार से पूर्ण शराबबंदी की मांग की जा रही है ताकि होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लग सके। कुछ भी घटना दुर्घटना होती है तो ड्राइवर पर आरोप लगा दिया जाता है । प्रमुख रूप से तीन मांगों को लेकर ड्राइवर संगठन यह आंदोलन कर रहा है।

इसी क्रम में शनिवार को जिला बालोद एवं धमतरी ड्राईवर महासंगठन के संयुक्त रूप से ग्राम चितोद एवं ट्रांसपोर्ट नगर बालोद के पास छत्तीसगढ़ ड्राईवर महासंगठन की लंबित मांगों के समाधान हेतु आंदोलनों किया गया। इस दौरान तहसीलदार को संबंधित मांगों को लेकर ज्ञापन भी सौंपा गया। जिसमें कहा गया है कि छत्तीसगढ़ ड्राईवर महासंगठन के द्वारा लगातार अपनी मूलभूत एवं महत्वपूर्ण मांगों के समाधान हेतु सरकार को ज्ञापन प्रस्तुत किया जा रहा है। जिसमें तीन मांगे है कि छत्तीसगढ़ राज्य पर पूर्ण रूप से शराब बंदी करे। ड्राईवर आयोग का गठन किया जाए। ड्राईवर वेलफेयर बोर्ड की स्थापना की जाए। इन मांगों के संबंध में हमने क्रमशः दिनांक 21.10.2024 एवं 19.03.2025 तथा – 06.06.2025 को तीन बार सरकार को ज्ञापन सौपा है। इसके साथ ही दिनांक 06.06.2025 को हमारे द्वारा सरकार को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया गया था कि, “यदि हमारी मांगों को दिनांक 01.10.2025 तक पूर्ण नहीं किया जाता है तो हम ड्राईवर भाई मिलकर दिनांक 25 अक्टूबर 2025 से स्टेयरिंग छोडों आंदोलन प्रारंभ करेंगे।” परंतु उक्त विषय पर सरकार द्वारा हमें न तो कोई. आश्वासन दिया गया है और न ही कोई ठोस प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है।

अतः हम मजबूर होकर यह घोषणा करते हैं कि, हम लोग दिनांक 25 अक्टूबर 2025 से जिला बालोद एवं जिला धमतरी के छत्तीसगढ़ ड्राईवर महासंगठन द्वारा अनिश्चितकालीन स्टेयरिंग छोडों आंदोलन ग्राम चितोद एवं ट्रांसपोर्ट नगर बालोद के पास प्रारंभ करेंगे जब तक कि, “हमारी सभी मांगों को पूर्ण नहीं किया जाएगा।” इस आंदोलन से यदि आम जनता अथवा जनसुविधाओं पर कोई असर पड़ता है तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन एवं संबंधित विभाग की होगी। सरकार हमारे इस न्यायोचित एवं आवश्यक निवेदन पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर ड्राईवर समुदाय की समस्याओं का समाधान करेगी।
