फाइल फोटो
बालोद। एक ओर जहां लोग दीपावली के उत्साह में डूबे हुए हैं। धनतेरस से दिवाली की शुरुआत हो चुकी है। तो वहीं इसी धनतेरस के दिन बालोद नगर के शिकारी पारा में एक मां ने अपनी बेटी का साड़ी से गला घोट कर हत्या कर दी और खुद भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बालोद पुलिस इस गंभीर मामले की छानबीन में जुटी हुई है। प्रारंभिक रूप में जांच में यह बात सामने आई है कि मृतिका मां की मानसिक स्थिति बिगड़ी हुई थी। जिसके चलते हो सकता है उसने यह कदम उठाया होगा। हालांकि जिसकी हत्या हुई और जिसने हत्या की, दोनों अब इस दुनिया में नहीं है तो असल वजह रहस्य बन चुका है। जानकारी के मुताबिक मृतिका का नाम निकिता पटौदी उम्र 37 साल है और बेटी का नाम वैभवी उम्र 10 साल है। बालोद शिकारीपारा वार्ड में रहने वाली उक्त महिला के पति दल्ली राजहरा थाने में आरक्षक थे। जिनका करीब 3 साल पहले सड़क हादसे में निधन हो चुका है परिवार से जुड़े हुए अन्य लोगों ने बताया कि पति के मौत के बाद से महिला मानसिक रूप से परेशान थी और यही वजह बताई जा रही है कि उसने मानसिक संतुलन खोते हुए अपनी बेटी का गला घोट दिया। आसपास के लोगों ने बताया कि उनका एक बेटा भी है। बेटे ने रोते-रोते हुए घटना के बाद बताया कि पहले उनकी मां ने उनका भी गला दबाने का प्रयास किया। लेकिन वह डरकर भाग गया और बच गया। पर उसकी बहन नहीं बच पाई। सुबह लोगों को घटना की जानकारी हुई और खलबली मच गई। मामले में एसडीओपी देवांश राठौर ने मीडिया को बयान देते हुए कहा कि घटना संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। परिजन के अनुसार मृतिका मानसिक रूप से अस्वस्थ थी । प्राथमिक जांच में यही पाया गया है कि उसने अपनी बेटी की हत्या की और बाद में खुद भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आगे विवेचना जारी है।
