
बालोद। वर्तमान जिला शिक्षा अधिकारी मधुलिका तिवारी ने कहा है कि जिला बालोद स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी में उनके शामिल होने की जो बातें एक पोर्टल में की जा रही है वह पूरी तरह निराधार एवं असत्य है। मामला सामने आने के बाद इसमें जांच भी की गई है और शासन स्तर पर कार्रवाई भी की जा रही है। हाल ही में शिक्षा विभाग बालोद में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में शिक्षक की भर्ती की गई है। इसमें नोडल अधिकारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा मिली भगत कर गड़बड़ी किए जाने की बातों को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी मधुलिका तिवारी ने स्पष्ट किया है कि कुछ दिन पहले ही उन्होंने डीईओ का पद भार लिया है। इससे पूर्व ही भर्ती की सारी प्रक्रिया पूर्ण हो गई थी, मेरिट सूची भी जारी हो गई थी, इसलिए किसी तरह की उनकी मिली भगत होने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। उन्होंने बताया कि भर्ती में अनियमिता की बात सामने आने पर उनके द्वारा सूक्ष्म जांच कराई गई इसमें स्पष्ट हुआ कि नोडल अधिकारी डीपी कोसरे शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में चयन समिति में सदस्य के रूप में शामिल रहे। वहीं उनकी बेटी भी शिक्षक के लिए आवेदन किया था, जिसका चयन भी हो गया था, चूंकि भर्ती प्रक्रिया में वे अधिकारी शामिल नहीं हो सकते जिनके निजी रिश्तेदार आवेदक हों, यहां पर नोडल अधिकारी डीडी कोसरे इस प्रक्रिया में चयन समिति में शामिल थे इसलिए उनकी पुत्री आकांक्षा कोसरे के चयन को निरस्त कर दिया गया है। मधुलिका तिवारी ने आगे जानकारी दी कि भर्ती प्रक्रिया में वह किसी भी तरह से शामिल नहीं रही है इसलिए उन पर मिली भगत के लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार एवं असत्य है। अनियमितता की बातें जो सामने आई इसकी बाकायदा जांच कराई गई और उस पर कार्रवाई भी की गई है। जिला शिक्षा अधिकारी मधुलिका तिवारी ने अभ्यर्थियों व आम नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इस तरह की भ्रामक बातों में ना आए और केवल विभाग द्वारा जारी अधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।
