बालोद। कृष्ण कुमार सूर्यवंशी, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एफ.टी.एस.सी. (पॉक्सो) बालोद (छ.ग.) के द्वारा आरोपी कोमल गिरी गोस्वामी उम्र 35 वर्ष, निवासी-धुर्सा, थाना-पाण्डुका, जिला-गरियाबंद (छ.ग.) को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 5 (ड)/6 के आरोप में 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000/- रू० अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।0प्रकरण का संक्षिप्त विवरण बसंत कुमार देशमुख, विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) के अनुसार घटना दिनांक 22-09-2024 को आरोपी ने नाबालिग पीड़िता को अपने कमरे में ले जाकर उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाया जिसके फलस्वरूप पीड़िता आरोपी के घर तरफ से रोते आ रही थी, जिसे देखकर पीड़िता की माता ने पीड़िता से पूछताछ करने पर उसने घटना के बारे में बताई। जिस पर पीडिता की माता ने अपने पति और गांव के अन्य लोगों को उक्त घटना के बारे में बताकर दिनांक 23-09-2024 को थाना-गुरूर में आरोपी के विरूद्ध उक्त घटना की लिखित शिकायत पेश की, जिसके आधार पर विवेचक प्र.आ. नर्मदा कोठारी ने आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रमांक-175/2024, अंतर्गत संहिता की धारा- 65(2) एवं सरंक्षण अधिनियम की धारा 3, 4, व 5 (ड) के तहत् अपराध पंजीबद्ध कर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की। सम्पूर्ण विवेचना पश्चात् अभियोग पत्र दिनांक 26-10-2024 को प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण में आये साक्ष्य के आधार पर आरोपी को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण की विवेचना निरी. टी.एस.पट्टावी व म.प्र.आ. 131- नर्मदा कोठारी के द्वारा किया गया।
