नवाचारों से प्राइमरी शिक्षा में लक्ष्मी गंजीर ला रही है निखार, मिला है शिक्षा दूत अलंकरण , विधायक ने भी किया उत्कृष्ट शिक्षिका के रूप में सम्मानित



भरकापारा देवरी में है पदस्थ

बालोद। बालोद जिले की डौंडीलोहारा ब्लॉक के ग्राम भरका पारा देवरी में प्राइमरी स्कूल में पदस्थ सहायक शिक्षिका एलबी लक्ष्मी गंजीर अपने नवाचारों के जरिए शिक्षा में निखार ला रही है। बच्चों को नई-नई गतिविधियों के जरिए पुस्तकीय ज्ञान ही नहीं बल्कि बाहरी दुनिया, प्रकृति से भी परिचित करवाने, संस्कृति से जोड़ने का प्रयास उनके द्वारा किया जाता है। 9 अगस्त 2008 को सहायक शिक्षक के रूप में पद ग्रहण करने के साथ से उन्होंने प्राइमरी स्कूल की शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने, दर्ज संख्या बढ़ाने, सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने में विशेष योगदान दिया है। पहले वे शासकीय प्राथमिक शाला खपराभाट में पदस्थ रहीं। युक्तियुक्तकरण के तहत उनका वर्तमान में पद स्थापना शासकीय प्राथमिक शाला भरका पारा देवरी में हुआ है। जहां वे 4 जून 2025 से पदस्थ हैं। बीए, एमए (हिंदी साहित्य, अर्थशास्त्र, संस्कृत) और डीएड प्रशिक्षित शिक्षिका लक्ष्मी गंजीर बच्चों में शिक्षा के प्रति दिलचस्पी बढ़ाने के लिए कई गतिविधियां स्कूल स्तर पर आयोजित करती रहती हैं। माता उन्मुखीकरण कार्यक्रम में भी उन्होंने लगातार माताओं से संपर्क कर उन्हें जागरूक करने का कार्य किया है। बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु बच्चों के बीच खेल,सांस्कृतिक कार्यक्रम, हस्तकला आदि में विशेष ध्यान देती हैं । अपनी कक्षा में नवनिर्मित टीएलएम के माध्यम से अध्यापन कार्य कराना उन्हें अधिक पसंद है। उन्हें लगता है कि बच्चे सहायक सामग्री से अधिक सीखते हैं। बच्चों को सभी प्रकरण एवं अवधारणा को शिक्षिका उनके दैनिक जीवन से जोड़कर समझाने का प्रयास करती हैं। सभी बालकों की सामाजिक पृष्ठभूमि की जानकारी रख शिक्षण कार्य करती हैं। अपने विषय में गहरा ज्ञान और अनुभव रखती हैं। जो अपने छात्रों को प्रभावी ढंग से पढ़ाने में उन्हें मदद करता है। छात्रों के प्रति धैर्य और सहानुभूति रखती हैं, जो उन्हें आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना प्रदान करता है ।अपने शिक्षण में नवाचार और रचनात्मकता को बढ़ावा देती हैं। जो छात्रों को आकर्षित और प्रेरित करती है ।

अपने शिक्षण में आत्म मूल्यांकन और सुधार के लिए तैयार रहती है। जो उनको अपने शिक्षण को और भी प्रभावी बनाने में मदद करता है। अपने सहयोगियों के साथ सहयोग और टीम वर्क में भी वह विश्वास रखती है । जो अपने शिक्षा में सुधार करने और छात्रों को बेहतर समर्थन प्रदान करने में मदद करते हैं। इन विशेषताओं के साथ लक्ष्मी एक प्रभावी और समर्पित शिक्षिका के तौर पर जानी जाती है और इन्हीं उनके उत्कृष्ट कार्यो के चलते बीते दिनों विश्व शिक्षक दिवस के अवसर पर विधायक कुंवर सिंह निषाद ने उन्हें अर्जुंदा में उत्कृष्ट शिक्षिका के तौर पर सम्मानित भी किया है।

समय-समय पर स्कूल में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, बाल दिवस ,वृक्षारोपण कार्यक्रम, रक्षाबंधन, शिक्षक दिवस, विद्यालय में शिक्षिका का जन्मदिन समारोह, रामलीला, सांस्कृतिक, खेल प्रतियोगिता , प्रकृति पूजा, नागपंचमी का आयोजन किया जाता है। जिससे बच्चों में पढ़ाई के साथ-साथ अन्य गतिविधियों को सीखने का अवसर प्राप्त होता है। इसके अलावा शासन द्वारा दिए गए निर्देश के तहत भी वे अन्य नवाचार करती रहती है। जैसे अंगना में शिक्षा, विद्यालय में पेपर क्राफ्ट बनाना, शिक्षा में पेपर क्राफ्ट का कैसे इस्तेमाल हो इन सब बातों कोहल भी बच्चों को सीखाया जाता है। उन्हें उनके अपने उत्कृष्ट कार्यो के लिए जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है। एक शिक्षिका के साथ-साथ आयोजनों में भी वह एक गायिका के तौर पर भी जानी जाती हैं।

शिक्षा दूत पुरस्कार से हुई है सम्मानित

हाल ही में शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव गौरव अलंकरण योजना 2025 के तहत लक्ष्मी गंजीर को शिक्षा दूत पुरस्कार से भी नवाजा गया है। इसके अलावा अन्य संगठनों द्वारा भी उन्हें उनके उत्कृष्ट कार्यो के लिए सम्मानित किया जा चुका है। एनटीसीएफ (नॉवेल टीचर्स क्रिएटिव फाउंडेशन) द्वारा भी उन्हें गौरव अलंकरण सम्मान दिया जा चुका है।

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